उदित वाणी, जमशेदपुर: जमशेदपुर में पानी की गुणवत्ता को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं। जमशेदपुर अभिभावक संघ के अध्यक्ष डॉ. उमेश कुमार ने पूर्वी सिंहभूम के उपायुक्त को पत्र लिखकर टाटा स्टील यूटिलिटीज एंड इंफ्रास्ट्रक्चर सर्विसेज लिमिटेड (TSUISL) पर गंभीर आरोप लगाए हैं। पत्र में शहर के विभिन्न इलाकों में दूषित पानी की आपूर्ति का मुद्दा उठाया गया है।
20-25 दिनों से लगातार आ रही शिकायतें
शिकायत पत्र के अनुसार, पिछले 20-25 दिनों से जमशेदपुर शहर के कई क्षेत्रों-विशेषकर कदमा, सोनारी, बारीडीह, भालूबासा, शास्त्रीनगर और मानगो-में गंदे एवं बदबूदार पानी की आपूर्ति हो रही है। इससे आम जनता के साथ-साथ बच्चों और बुजुर्गों के स्वास्थ्य पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है।
पानी में बदबू और गंदगी, स्वास्थ्य पर खतरा
पत्र में उल्लेख किया गया है कि सप्लाई हो रहा पानी इतना दूषित है कि उसमें से बदबू आती है और उसमें गंदगी साफ दिखाई देती है। लोगों का कहना है कि इस पानी का उपयोग पीने तो दूर, घरेलू कामों के लिए भी सुरक्षित नहीं है। इससे जलजनित बीमारियों के फैलने का खतरा बढ़ गया है।
जांच में पानी की गुणवत्ता खराब होने की पुष्टि
शिकायत में यह भी बताया गया है कि पानी की जांच में इसकी गुणवत्ता मानकों पर खरी नहीं उतरी है। रिपोर्ट के अनुसार, पानी पीने योग्य नहीं है, बावजूद इसके इसकी सप्लाई जारी है। यह स्थिति लोगों के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ मानी जा रही है।
प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप की मांग
डॉ. उमेश कुमार ने उपायुक्त से मांग की है कि इस मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल जांच कराई जाए और दोषियों पर कार्रवाई की जाए। साथ ही, शहरवासियों को स्वच्छ और सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराने के लिए आवश्यक कदम उठाने की अपील की गई है।
जनस्वास्थ्य के साथ समझौता नहीं
अभिभावक संघ ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द समाधान नहीं किया गया, तो वे इस मुद्दे को लेकर व्यापक आंदोलन करने को मजबूर होंगे। उनका कहना है कि पानी जैसी बुनियादी सुविधा में लापरवाही किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
सुवर्णरेखा और खरकई नदियों का पानी भारी प्रदूषण से प्रभावित: TSUISL
जमशेदपुर में पेयजल आपूर्ति की गुणवत्ता को लेकर उठे सवालों पर टाटा स्टील यूटिलिटीज एंड इंफ्रास्ट्रक्चर सर्विसेज लिमिटेड (TSUISL) ने कहा है है कि शहर में गंदा या मैला पानी सप्लाई नहीं हो रहा है. कंपनी का कहना है कि पानी की गुणवत्ता में काफी सुधार हुआ है और ज्यादातर क्षेत्रों में स्वच्छ, सुरक्षित पानी नियमित रूप से पहुंच रहा है. TSUISL के अधिकारियों ने बताया कि सुवर्णरेखा और खरकई नदियों का पानी भारी प्रदूषण से प्रभावित है. औद्योगिक और शहरी अपशिष्ट के कारण नदी के पानी को साफ करके पेयजल बनाने में कंपनी को कई तकनीकी और पर्यावरणीय चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है. फिर भी, कंपनी ने अपने आधुनिक वॉटर ट्रीटमेंट प्लांट्स, स्वचालित सिस्टम और निरंतर मॉनिटरिंग के जरिए पानी की गुणवत्ता बनाए रखने में सफलता हासिल की है.
TSUISL ने उठाए ये कदम:
इसके लिए कंपनी ने हाल के महीनों में कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं, जिनमें भुइयांडीह में 5 एमएलडी क्षमता का अत्याधुनिक वॉटर ट्रीटमेंट प्लांट शुरू करना, बिस्टुपुर, सोनारी और कदमा वॉटर टावरों को स्वचालित बनाना, क्लोरीन डाइऑक्साइड प्लांट कमिशनिंग कर डिसइन्फेक्शन प्रक्रिया को और बेहतर बनाना, लीकेज सुधार और पाइपलाइन नेटवर्क का उन्नयन. इन प्रयासों से पानी की सप्लाई अधिक विश्वसनीय और स्वच्छ हुई है.
95,000 से अधिक कनेक्शन
कंपनी के अनुसार, वर्तमान में सेवा क्षेत्र में लगभग 95,000 से अधिक कनेक्शनों को रोजाना टैप पानी उपलब्ध कराया जा रहा है और जल्द ही यह संख्या एक लाख से पार कर जाएगी. टीएसयूआईएसएल के अधिकारी ने कहा, “नदी के प्रदूषण के बावजूद हम अपनी जिम्मेदारी समझते हैं. हम लगातार बेहतर ट्रीटमेंट टेक्नोलॉजी अपनाकर और कड़ी निगरानी रखकर नागरिकों को सुरक्षित पेयजल मुहैया कराने का प्रयास कर रहे हैं. नागरिकों से भी अपील है कि पानी की बर्बादी रोकें और किसी भी समस्या की सूचना तुरंत कंपनी को दें, ताकि त्वरित कार्रवाई की जा
सके.
TSUISL का कहना है कि कंपनी की टीम 24×7 सक्रिय है और पानी की गुणवत्ता को विश्व स्वास्थ्य मानकों के अनुरूप बनाए रखने के लिए निरंतर प्रयासरत है.


