
16 अक्टूबर तक चलने वाले मेला का आकर्षण सांस्कृतिक कार्यक्रम होगा
उदित वाणी, जमशेदपुर : जमशेदपुर का प्रतिष्ठित स्वदेशी मेला 8 से लेकर 16 अक्टूबर तक गोपाल मैदान बिस्टुपुर में आयोजित होने जा रहा है. इसका उद्घाटन संध्या 5.30 बजे होगा, जिसमें बतौर मुख्य अतिथि के रूप में पूर्व मुख्यमंत्री एवं केन्द्रीय मंत्री अर्जुन मुंडा एवं विशिष्ट अतिथि के रूप में जमशेदपुर पूर्वी की विधायक पूर्णिमा साहू, टाटा स्टील के उपाध्यक्ष कॉर्पोरेट सर्विसेस डीबी सुंदरा रामम एवं झारखंड क्रिकेट एसोसिएशन के सचिव सौरभ तिवारी होंगे. मेला सुबह 11 बजे से रात 9.30 बजे तक रहेगा. प्रति वर्ष की भांति इस वर्ष भी मेला में प्रवेश निःशुल्क रहेगा. प्रेस वार्ता में मेला संयोजक अशोक गोयल, स्वदेशी जागरण मंच के अखिल भारतीय पर्यावरण प्रमुख बंदेशंकर सिंह, राष्ट्रीय परिषद सदस्य मनोज कुमार सिंह, स्वावलंबी झारखंड के चेयरमैन मुरलीधर केडिया, सीबीएमडी के संयोजक जेकेएम राजू, मेला सहसंयोजक संयोजक अमित मिश्रा, सहसंयोजक पंकज सिंह, सहसंयोजक अमिताभ सेनापति, स्वदेशी जागरण मंच के विभाग संयोजक राजकुमार साह एवं स्वदेशी जागरण मंच की जिला संयोजक राजपति देवी ने यह जानकारी दी.
स्वदेशी को मिलेगा बढ़ावा
स्वदेशी मेले का उद्देश्य भारतीय उद्योग और सेवाओं को विकसित और मजबूत करते हुए देश में एक स्थाई मजबूत अर्थव्यवस्था को खड़ा करना है, जो कि सतत विकास का दुनिया में एक मॉडल बने. स्वदेशी जागरण मंच, देश की आर्थिक सुरक्षा के साथ-साथ सांस्कृतिक प्रदूषण को रोकने और अपनी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को प्रचार-प्रसार करने का काम करता है. इसके माध्यम से देश की आंतरिक और बाह्य सुरक्षा के लिए विशेष अभियान चलाए जाते हैं. इस प्रकार देश के आर्थिक, सामरिक, आंतरिक सुरक्षा और सांस्कृतिक संरक्षण और संवर्द्धन के लिए स्वदेशी जागरण मंच कार्यरत है. हम देश के छोटे-छोटे आर्टिजन से लेकर और प्राइम इंडस्ट्रीज तक को सपोर्ट करते हैं.
जमशेदपुर में 2001 में सबसे पहले स्वदेशी मेला का हुआ था आयोजन
2001 में जमशेदपुर में स्वदेशी मेला का आयोजन हुआ, जिसके मुख्य प्रायोजक टाटा स्टील था, जिसमें पहली बार टाटा स्टील ने अपना स्टील हाउस का मॉडल लांच किया. टाटा स्टील के तत्कालीन प्रबंध निदेशक इसके संरक्षक रहे तथा उदघाटन समारोह में प्रबंध निदेशक, डिप्टी प्रबंध निदेशक सारे लोग अतिथि के रूप में रहे.
100 स्टॉल से शुरू हुआ
स्वदेशी मेला 2001 में लगभग 100 स्टॉल से शुरू हुआ था. आज शहर का सबसे बड़े मेला के रूप में है, जो यहां के आमजन लोगों के लिए सांस्कृतिक उत्सव के रूप में है, जिसका इंतजार यहां के लोग करते हैं. यह मेला आज शहर के लोगों के लिए गौरव बन चुका है.इसमें हम केवल वस्तुओं की खरीद-बिक्री नहीं होती है, यह ट्रेड फेयर नहीं है बल्कि स्वदेशी विचारधारा के प्रचार का एक माध्यम है.
हर दिन प्रतियोगिताएं
मेला में प्रतिदिन हर वर्ग के लिए प्रतियोगिताएं होंगी, जैसे सीट एंड ड्रॉ, शंख बजाओ, महापुरुषों की वेशभूषा, भारत को जानो पर क्विज, रंगोली, मेंहदी एवं योग प्रतियोगिता के साथ-साथ ही विभिन्न विषयों पर गोष्ठियां होंगी, जिनमें वर्तमान समय में भारतीय शिक्षा प्रणाली की प्रासांगिकता, वरिष्ठ नागरिकों पर कुटुम्ब प्रबोधन, विभिन्न क्षेत्र के डॉक्टर्स द्वारा रोग-बीमारियों के उपचार, उद्यमिता प्रोत्साहन, सतत विकास एवं पर्यावरण पर कार्यक्रम सनातन संस्कृति एवं नारी चेतना, समृद्ध एवं समर्थ भारत का आधार-स्वदेशी इत्यादि विषय होंगे.
मेला का आकर्षण सांस्कृतिक संध्या
मेला का मुख्य आकर्षण प्रतिदिन सांस्कृतिक मर्यादाओं के अनुरूप सांस्कृतिक संध्या का आयोजन होगा, जिसमें स्थानीय कलाकारों द्वारा छऊ नृत्य, विभिन्न राज्यों के लोक नृत्य, जादू, गीत एवं गजल, नुक्कड़ नाटक के अलावा शहर के विभिन्न स्कूलों के छात्र-छात्राओं द्वारा देशभक्ति गीत की प्रस्तुति का आयोजन होगा. इस वर्ष शहर में नए प्रतिभागियों की खोज हेतु सांस्कृतिक संध्या में गीत एवं नृत्य के लिए खुला मंच का आयोजन किया गया है जिसका मुख्य उद्देश्य जमशेदपुर के उभरते हुए कलाकारों को जनता के बीच में लाना है.
विभिन्न प्रदेशों के 300 स्टॉल
इस मेले में पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, ओडिशा, बंगाल, तमिलनाडु, गुजरात, बिहार सहित विभिन्न राज्यों से स्टॉल धारकों की सहभागिता होगी. इस मेले में विभिन्न क्षेत्रों से जैसे हैंडीक्राफ्ट, लघु एवं कुटीर उद्योग के उत्पाद, एजुकेशन, रीयल स्टेट, ऑटो इंडस्ट्रीज, टेक्सटाइल, हैंडलूम, एफएमसीजी, इलेक्ट्रॉनिक्स, सामाजिक, हेल्थ सेक्टर, सर्विस सेक्टर, फर्नीचर, सोलर सिस्टम, सजावट, इलेक्ट्रीक वेहिकल, खादी आदि के लगभग 300 स्टॉल्स देखने को मिलेंगे.
नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का स्टॉल
इस बार मेले में विशेष रूप से नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का भी स्टॉल होगा, जो लोगों को अपने विभाग से संबंधित विभिन्न जानकारियां उपलब्ध कराएगा. खादी ग्रामोद्योग आयोग भारत सरकार, खादी बोर्ड, शिक्षा के क्षेत्र में अरका जैन विश्वविद्यालय, रंभा कॉलेज ऑफ एजुकेशन, आईसीएफआई., नीलकमल फर्नीचर आदि के स्टॉल प्रमुखता से रहेंगे. आरएसबी ट्रांसमिशन की भी सहयोगी के रूप में विशेष सहभागिता मेले में होगी. इसके अलावा सामाजिक क्षेत्र से जुड़े विभिन्न संगठन, धार्मिक संगठन एवं राष्ट्रवादी संगठनों के स्टॉल भी होंगे जिन्हे निशुल्क स्टॉल उपलब्ध कराये जाते हैं.मेले में शहरवासियों के लिए आकर्षक फूड स्टॉल एवं बच्चों के लिए झूलों का भी प्रावधान किया गया है.

