
उदित वाणी, जमशेदपुर: शहर में अपराध पर प्रभावी नियंत्रण और आपराधिक गतिविधियों पर अंकुश लगाने के लिए जिला पुलिस ने निगरानी तंत्र को और सुदृढ़ किया है. पुलिस की ओर से विभिन्न थाना क्षेत्रों में सक्रिय अपराधियों की पहचान कर उनकी गतिविधियों पर लगातार नजर रखी जा रही है.
शहर में कानून-व्यवस्था को मजबूत बनाए रखने और संभावित आपराधिक घटनाओं को रोकने के लिए नियमित रूप से सत्यापन अभियान भी चलाया जा रहा है, ताकि अपराधियों की वर्तमान गतिविधियों और ठिकानों की अद्यतन जानकारी पुलिस के पास उपलब्ध रहे.
हर थाना क्षेत्र में टॉप-15 अपराधी चिन्हित
अपराध नियंत्रण की रणनीति के तहत शहर के प्रत्येक थाना क्षेत्र में टॉप-15 अपराधियों की सूची तैयार की गई है. इस तरह पूरे शहर में कुल 228 अपराधियों को चिन्हित कर उनकी गतिविधियों पर पुलिस की विशेष निगरानी रखी जा रही है.
पुलिस समय-समय पर इन अपराधियों का सत्यापन भी करा रही है. इसके तहत यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि वे वर्तमान में कहां रह रहे हैं, किस प्रकार की गतिविधियों में संलिप्त हैं और उनकी गतिविधियां किसी नई आपराधिक घटना से तो जुड़ी नहीं हैं.
सत्यापन में कई अपराधी शहर से बाहर
पुलिस की ओर से चलाए गए सत्यापन अभियान में यह भी सामने आया है कि सूची में शामिल कई अपराधी फिलहाल शहर छोड़कर अन्य स्थानों पर चले गए हैं. वहीं, कुछ अपराधियों की गतिविधियों पर पुलिस लगातार नजर बनाए हुए है और आवश्यकतानुसार उनके विरुद्ध कानूनी कार्रवाई भी की जा रही है.
लूट–छिनतई के आरोपियों पर विशेष निगरानी
शहर में लूट और छिनतई की घटनाओं को रोकने के लिए पुलिस ने अलग से रणनीति बनाई है. पुलिस अभिलेखों के अनुसार, शहर में 532 ऐसे अपराधी चिन्हित किए गए हैं, जो पूर्व में लूट अथवा छिनतई की घटनाओं में आरोपी रह चुके हैं.
इन सभी की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए थाना स्तर पर विशेष निगरानी व्यवस्था लागू की गई है. पुलिस का मानना है कि इन अपराधियों की नियमित निगरानी से संभावित आपराधिक घटनाओं को समय रहते रोका जा सकेगा और शहर में आम लोगों की सुरक्षा और कानून-व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाया जा सकेगा.

