
उदित वाणी जमशेदपुर : शहर के कारोबारियों के लिए लंबे समय से सिरदर्द बना अपराधी मनीष सिंह आखिरकार पुलिस के शिकंजे में आ गया। उसकी गिरफ्तारी पारडीह स्थित गोल्डन लीफ रिसॉर्ट से की गई। पुलिस ने उसे रिसॉर्ट में घेराबंदी कर दबोचा। फिलहाल उससे पूछताछ जारी है और उसके आपराधिक नेटवर्क की कड़ियों को खंगाला जा रहा है।
मनीष सिंह हाल ही में जेल से छूटा था। बाहर आते ही उसने शहर के कई कारोबारियों से रंगदारी की मांग शुरू कर दी थी। लगातार मिल रही धमकियों से व्यापारी वर्ग दहशत में था। पुलिस सूत्रों के अनुसार मनीष पर रंगदारी, शस्त्र अधिनियम, गोलीबारी और कई अन्य गंभीर धाराओं में मामले दर्ज हैं।
उल्लेखनीय है कि मनीष सिंह की गिरफ्तारी न होने को लेकर सवाल उठ रहे थे। इसी मामले में जुगसलाई थाना प्रभारी बैजनाथ कुमार को निलंबित कर दिया गया था। दो दिन पूर्व ही गुलाम रब्बानी को नया थाना प्रभारी बनाया गया था। पदभार संभालते ही उन्होंने सक्रियता दिखाते हुए सूचना के आधार पर रिसॉर्ट में छापेमारी की और मनीष को गिरफ्तार कर लिया।
हालांकि शहर में इस गिरफ्तारी को लेकर चर्चाओं का बाजार भी गर्म है। कुछ लोग इसे ‘समर्पण’ बता रहे हैं, लेकिन यदि समर्पण होता तो आरोपी सीधे थाने पहुंचता। रिसॉर्ट में कमरा लेकर ठहरने और फिर वहां से गिरफ्तारी की कहानी पर कई सवाल खड़े हो रहे हैं। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की आधिकारिक जानकारी जुटा रही है। व्यापारी वर्ग ने राहत की सांस ली है, वहीं पुलिस इस गिरफ्तारी को बड़ी सफलता मान रही है।

