
उदित वाणी, जमशेदपुर : जमशेदपुर के शैक्षिक गलियारों में आज उत्सव और गर्व का माहौल है. इंस्टीट्यूट ऑफ चार्टर्ड अकाउंटेंट्स ऑफ इंडिया (आईसीएआई) द्वारा जनवरी 2026 में आयोजित सीए फाइनल परीक्षा के परिणामों की आधिकारिक घोषणा के साथ ही शहर के कई घरों में खुशियों का संचार हो गया है. इस वर्ष जमशेदपुर केंद्र से कुल 177 विद्यार्थियों ने इस कठिन और प्रतिष्ठित परीक्षा में अपनी किस्मत आजमाई थी, जिनमें से 18 उम्मीदवारों ने सफलता का परचम लहराते हुए चार्टर्ड अकाउंटेंट बनने का गौरव हासिल किया है. यह परिणाम न केवल इन छात्रों के व्यक्तिगत परिश्रम को दर्शाते हैं, बल्कि शहर के उत्कृष्ट कोचिंग और शैक्षणिक माहौल की सफलता पर भी मुहर लगाते हैं.
इस सत्र के परिणामों में यश अग्रवाल ने विशेष उपलब्धि हासिल की है. अपनी कड़ी मेहनत और बेहतर रणनीति के बल पर यश ने जमशेदपुर शहर में प्रथम स्थान प्राप्त कर टॉपर बनने का सम्मान पाया है. उनकी इस उपलब्धि ने न केवल उनके परिवार का नाम रोशन किया है, बल्कि अन्य आकांक्षी छात्रों के लिए भी प्रेरणा का स्रोत बन गए हैं. यश के साथ-साथ शहर के अन्य होनहार छात्रों ने भी अपनी मेधा का लोहा मनवाया है. सफल उम्मीदवारों की सूची में ईशा अग्रवाल, श्रुति कुमार, अमीशा अग्रवाल, मोनिका बंसल, सालिम अनज़ार, प्रिया कुमारी, आशुतोष कुमार और शुभम चचरा जैसे नाम शामिल हैं. इन सभी युवाओं ने अपनी वर्षों की तपस्या और अनुशासन के माध्यम से चार्टर्ड अकाउंटेंसी जैसी चुनौतीपूर्ण बाधा को पार किया है.
सफलता की इस लहर के बीच जमशेदपुर शाखा सिकासा के अध्यक्ष मुकुंद केडिया और शाखा प्रबंधन समिति ने सक्रिय भूमिका निभाते हुए सभी सफल नवोदित सीए की सराहना की है. मुकुंद केडिया ने व्यक्तिगत रूप से सभी उत्तीर्ण छात्रों को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल और समृद्ध भविष्य की कामना की. समिति का मानना है कि ये नए चार्टर्ड अकाउंटेंट आने वाले समय में देश की अर्थव्यवस्था और कॉर्पोरेट जगत को नई दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे. उन्होंने इन युवाओं के धैर्य और उनकी प्रोफेशनल यात्रा की शुरुआत को शहर के लिए एक बड़ी उपलब्धि बताया.
जहां एक ओर सफलता का जश्न मनाया जा रहा है, वहीं प्रबंधन समिति उन छात्रों के प्रति भी बेहद संवेदनशील दिखी जो इस बार सफलता की दहलीज तक पहुंचने से चूक गए. समिति ने असफल रहे उम्मीदवारों का मनोबल बढ़ाते हुए उन्हें याद दिलाया कि असफलता केवल एक पड़ाव है, मंजिल नहीं. उन्होंने विद्यार्थियों से आग्रह किया कि वे निराश होने के बजाय अपने दृढ़ संकल्प को और मजबूत करें. समिति के सदस्यों ने इस बात पर विशेष जोर दिया कि निरंतर अभ्यास, लगन और पक्के इरादे के साथ की गई कोशिश कभी बेकार नहीं जाती और अगली परीक्षा में वे निश्चित रूप से सफलता प्राप्त करेंगे. जमशेदपुर के इन परिणामों ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि सही मार्गदर्शन और अटूट विश्वास के साथ किसी भी कठिन लक्ष्य को प्राप्त किया जा सकता है.

