
उदितवाणी, आदित्यपुर : इंटरनेशनल एमएसएमई डे की पूर्व संध्या पर आदित्यपुर स्थित एसिया भवन में एचडीएफसी बैंक द्वारा एक सम्मान समारोह का आयोजन किया गया. कार्यक्रम का उद्देश्य सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों (एमएसएमई) की उपलब्धियों को पहचान देना और उनके योगदान को सार्वजनिक मंच पर प्रोत्साहित करना था.
इस अवसर पर विभिन्न एमएसएमई इकाइयों को उनकी उल्लेखनीय उपलब्धियों और आर्थिक योगदान के लिए सम्मानित किया गया.
एमएसएमई: देश की आर्थिक रीढ़
समारोह को संबोधित करते हुए एसिया के अध्यक्ष इंदर अग्रवाल ने कहा कि एमएसएमई देश की औद्योगिक अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं. ये इकाइयाँ न केवल रोजगार सृजन में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं, बल्कि स्थानीय और समावेशी आर्थिक विकास को भी मजबूती प्रदान कर रही हैं.
उन्होंने यह भी चेताया कि वर्तमान में मध्यम और बड़े उद्योगों की तीव्र प्रतिस्पर्धा के कारण सूक्ष्म और लघु उद्यमों को कई तरह की चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है.
नीतियों में चाहिए विशेष प्राथमिकता
श्री अग्रवाल ने इस बात पर ज़ोर दिया कि इन इकाइयों को टिकाऊ बनाए रखने के लिए नीति-निर्माण और वित्तीय सहायता में विशेष प्राथमिकता दी जानी चाहिए. इससे संतुलित और न्यायसंगत औद्योगिक विकास संभव हो सकेगा.
एचडीएफसी बैंक का सहयोग व आश्वासन
इस मौके पर एचडीएफसी बैंक के अधिकारियों ने भी एमएसएमई क्षेत्र के लिए बैंक द्वारा दी जा रही सुविधाओं की जानकारी साझा की. इसमें वित्तीय सेवाएं, ऋण योजनाएं और सलाहकार सहयोग शामिल हैं. अधिकारियों ने यह भी भरोसा दिलाया कि बैंक भविष्य में एमएसएमई सेक्टर को हरसंभव समर्थन देता रहेगा.

