
उदित वाणी, रांची: पूर्व मुख्यमंत्री सह भाजपा विधायक दल के नेता बाबूलाल मरांडी ने कहा कि अगली बार राज्य में भाजपा की सरकार बनते ही प्रखंडों-अंचलों के अधिकारी घर-घर जाकर विद्यार्थियों के जरूरत के प्रमाण पत्र बनायेंगे.
बाबुलाल ने गिरिडीह जिला के पीरटांड़ प्रखंड में आयोजित आक्रोश प्रदर्शन सभा को सम्बोधित करते हुए कहा कि वर्तमान सरकार के कार्यकाल में प्रखंडों व अंचल कार्यालयों में बिना पैसे के कोई भी काम नहीं होता है. जन्म प्रमाण पत्र हो या मृत्यु प्रमाण पत्र, हर चीज का रेट फिक्स है.
जिस दिन राज्य में भाजपा की सरकार बनेगी उसके बाद से प्रखंडों-अंचलों के अधिकारी घर-घर जाकर जरूरत के सभी प्रमाण पत्र बनायेंगे. लोगों को ब्लॉक का चक्कर नहीं लगाना पड़ेगा.
वहीं उन्होंने कहा कि झामुमो कहती है कि हमने लड़कर झारखंड अलग राज्य बनाया है. लेकिन सच यह है कि झामुमो ने झारखण्ड आंदोलन को बेचने का काम किया है और देश में अगर भाजपा की अटल बिहारी बाजपेयी की सरकार नहीं बनती, तो कभी अलग राज्य नहीं बनता. झारखंड के लोगों के सपने को पूरा करने का काम सिर्फ भाजपा ने किया है.
वहीं स्थानीय नीति के संबंध में पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार ने 1932 के खतियान के आधार पर स्थानीय नीति बना चुकी थी. लेकिन झारखंड हाईकोर्ट द्वारा उसे खारिज कर दिया गया.
उन्होंने कहा कि हाईकोर्ट द्वारा जिस आधार पर नीति को खारिज किया गया था, उन बिंदुओं का समाधान किये बिना ही उसे लागू करना सम्भव नहीं है. वास्तव में राज्य की सरकार 1932 लागू करना ही नहीं चाहती है, बल्कि सिर्फ लोगों की भावनाओं के साथ खिलवाड़ कर रही है. मरांडी ने आक्रोश प्रदर्शन में शामिल जनता को आह्वान करते हुए कहा कि हेमन्त सोरेन को हटाना है और झारखंड को बचाना है.

