
तंबाकू खाने वालों की पत्नियां देती हैं धन्यवाद
उदित वाणी, जमशेदपुर : डिमना स्थित एमजीएम अस्पताल की स्वच्छता को बरकरार रखने एवं यहां आने वाले मरीजों को बेहतर माहौल देने की बीड़ा उठा चुके होमगार्ड के जवानों की भूमिका सचमुच सराहनीय है. तंबाकू उत्पादों का सेवन करने वाले लोगों का तंबाकू उत्पाद लेकर अस्पताल में प्रवेश करना अब आसान नहीं रह गया है. क्योंकि पूर्वी सिंहभूम जिले के उपायुक्त कर्ण सत्यार्थी के निर्देश के बाद होमगार्ड के जवानों द्वारा लगातार सघन तलाशी अभियान चलाया जाता है और प्रतिदिन काफी मात्रा में खैनी, गुटखा, पान मसाला, पान, बीड़ी व लाइटर आदि जब्त की जा रही है जिससे पूर्व की भांति गंदगी नहीं फैल रही है.
इस संबंध में होमगार्ड इंचार्ज योगेंद्र शर्मा ने बताया कि अब तक 10 हजार रुपए का जुर्माना वसूला जा चुका है और वर्तमान में रसीद खत्म होने की वजह से जुर्माने की कार्रवाई में कमी आई है. हालांकि गुटखा या अन्य तंबाकू उत्पाद का सेवन करने के पश्चात अस्पताल परिसर में थूकने पर कड़ी चेतावनी देकर छोड़ा जा रहा है. उन्होंने बताया कि ऐसी बात नहीं है कि सभी लोग खराब मानसिकता के होते हैं बल्कि कुछ लोग जानकारी के अभाव में भी तंबाकू उत्पाद लेकर आते हैं और तलाशी के दौरान ईमानदारी से निकाल देते हैं.

कुछ असामाजिक किस्म के लोग बहस भी कर लेते हैं लेकिन सख्ती बरतने पर बाद में अपनी गलती स्वीकार करते हुए इस अभियान की प्रशंसा भी करने लगते हैं. उन्होंने बताया कि प्रतिदिन ड्रम में भर – भरकर तंबाकू उत्पादों को जब्त किया जाता है और बाद में उसका निष्पादन किया जाता है. तलाशी के दौरान कुछ महिलाएं उन्हें धन्यवाद देती हैं और कहती हैं कि सर इनको (अपने पति को) तो बोलते – बोलते थक चुकी हूं लेकिन यह बुरी आदत छोड़ते ही नहीं है.
आज कम से कम जब तक अस्पताल में रहेंगे तब तक तो गुटखा चबाना बंद रहेगा, यह बहुत ही बढ़िया काम है. कुछ लोग तो ऐसे भी मिलते हैं जो यह कहते हैं कि सर बीड़ी नहीं पीने से खाना नहीं पचता है तब उन्हें डॉक्टर के पास दवाएं लेने के लिए भेजा जाता है. गौरतलब हो कि उदित वाणी अखबार के द्वारा बीच – बीच में स्वच्छता को लेकर खबरें प्रकाशित की जाती हैं और अस्पताल को सुंदर और स्वच्छ बनाए रखने के लिए अस्पताल प्रबंधन के साथ हमेशा रहेंगे.

