
उदित वाणी, जमशेदपुर : यंग इंडियंस (वाईआई) जमशेदपुर चैप्टर द्वारा रोड सेफ्टी वीक के तहत शहर भर में जागरूकता कार्यक्रमों की श्रृंखला चलाई जा रही है. इसी क्रम में शनिवार को “हेलमेट मैन ऑफ इंडिया” के नाम से प्रसिद्ध राघवेंद्र कुमार ने शहर पहुंचकर विद्यार्थियों और युवाओं को सड़क सुरक्षा के प्रति प्रेरित किया. उन्होंने हेलमेट को जीवनरक्षक बताते हुए अनुशासन, सतर्कता और जिम्मेदार ड्राइविंग का संदेश दिया.
दिन की शुरुआत सुबह 10.30 बजे अर्का जैन यूनिवर्सिटी में आयोजित इंटरएक्टिव सेशन से हुई, जहां हेलमेट मैन ने वास्तविक घटनाओं के उदाहरण देकर युवाओं को नियमों के पालन की अहमियत समझाई. इसके बाद दोपहर 3 से 5 बजे तक कदमा के कुडी मोहंती ऑडिटोरियम में टाटा स्टील सेफ क्लब के सहयोग से विशेष कार्यक्रम आयोजित हुआ. यहां सिद्धार्थ अग्रवाल (चेयर-रोड सेफ्टी, वाईआई जमशेदपुर) के संचालन में हेलमेट मैन के साथ फायरसाइड चैट हुई, जिसमें सड़क सुरक्षा से जुड़े व्यावहारिक सुझाव और प्रेरक अनुभव साझा किए गए.
बिष्टुपुर में ‘मशाल जुलूस’ निकाल दिया सुरक्षित सड़कों का संदेश
शाम के समय वाईआई जमशेदपुर ने जमशेदपुर पुलिस के साथ मिलकर बिष्टुपुर में मशाल जुलूस निकाला. यह जुलूस सुरक्षित सड़क, जिम्मेदार राइडिंग और सामूहिक जागरूकता के संकल्प का प्रतीक बना. रोड सेफ्टी वीक का समापन 1 फरवरी को आयोजित बाइक रैली के साथ होगा. यह रैली सुबह 8 बजे, जेआरडी टाटा स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स के सामने से रवाना होगी. रैली को हेलमेट मैन राघवेंद्र कुमार और सिटी एसपी कुमार शिवाशिष हरी झंडी दिखाकर रवाना करेंगे. इस रैली में 100 से अधिक राइडर्स के शामिल होने की संभावना है, जिनमें बाइकर्स ग्रुप, कॉलेज छात्र, वाईआई के सदस्य और सहयोगी संगठन शामिल रहेंगे. रैली का उद्देश्य तेज रफ्तार और लापरवाह राइडिंग की सोच को चुनौती देते हुए यह संदेश देना है कि धैर्य, सतर्कता और ट्रैफिक नियमों का पालन ही सुरक्षित व बेहतर राइडिंग की पहचान है.
स्कूल-कॉलेजों में चला ‘छोटा कॉप’ से लेकर फर्स्ट रिस्पॉन्डर ट्रेनिंग अभियान
वाईआई जमशेदपुर ने बीते सप्ताह स्कूलों, कॉलेजों और समुदायों के बीच छोटा कॉप सत्र, फरिश्ते जागरूकता कार्यक्रम, फर्स्ट रिस्पॉन्डर ट्रेनिंग और जन-संपर्क गतिविधियों के जरिए सड़क सुरक्षा की संस्कृति विकसित करने पर जोर दिया. यह कार्यक्रम सीआईआई वाईआई जमशेदपुर चैप्टर के आमंत्रण पर आयोजित किया गया, जो शहर को अधिक सुरक्षित और जिम्मेदार बनाने की दिशा में एक अहम पहल माना जा रहा है.

