
उदित वाणी, पूर्वी सिंहभूम: जिले के बोड़ाम में मनरेगा योजना के अंतर्गत पिछले आठ वर्षों से बागवानी, विशेष रूप से आम के फलदार पौधों की व्यवस्था को व्यापक स्तर पर लागू किया गया है। इसके परिणामस्वरूप क्षेत्र में आम उत्पादन में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। हालांकि, आम उत्पादक लाभुकों को उनके उत्पाद का उचित मूल्य नहीं मिल पाने से उनके मनोबल में कमी आई है और बागवानी के प्रति उदासीनता बढ़ रही है।
समस्या के समाधान हेतु प्रखंड स्तरीय सम्मेलन का आयोजन
इन चुनौतियों को दूर करने और संभावित समाधान पर चर्चा के लिए बोड़ाम प्रखण्ड कार्यालय में प्रखंड स्तरीय सम्मेलन का आयोजन किया गया। इस सम्मेलन में निदेशक एनईपी संतोष गर्ग, बीडीओ किकू महतो, विपणन सचिव अभिषेक आनंद, एपीओ, जनप्रतिनिधि, लाभुक, बागवानी मित्र, कृषक मित्र, मेट, ग्राम रोजगार सेवक, प्रखंड कार्यक्रम पदाधिकारी, सहायक एवं कनिष्ठ अभियंता, ATM, BTM, प्रखण्ड कृषि पदाधिकारी, जनसेवक, पंचायत सेवक, JSLPS, CSOs, आम क्रेता-विक्रेता और एनजीओ के प्रतिनिधि सहित विभिन्न हितधारकों ने सक्रिय भागीदारी निभाई।
बागवानी के लिए ठोस विपणन रणनीति की तैयारी
सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य आम सहित अन्य बागवानी उत्पादों के बेहतर विपणन व मूल्य संवर्धन के लिए प्रभावी रणनीति बनाना था, जिससे लाभुकों को उचित बाजार मूल्य मिले और बागवानी क्षेत्र को सतत आजीविका के रूप में विकसित किया जा सके।
किसानों के लिए सीधे बाजार का अवसर: बिचौलियों से मुक्ति
एनजीओ Intent to Solution और श्रीसरन्या के प्रतिनिधियों ने किसानों को भरोसा दिलाया कि वे आम का सीधे क्रय करेंगे और बाजार उपलब्ध कराएंगे। इस प्रक्रिया में बिचौलियों की कोई भूमिका नहीं होगी, जिससे किसान सीधे उपभोक्ता तक पहुंच सकेंगे। विशेष रूप से, दीनबंधु महतो के तीन एकड़ में फैले 326 आम के पेड़ों वाले बागान को ये एनजीओ संरक्षण में लेकर किसानों को मंडी मूल्य पर आम बेचने का अवसर प्रदान कर रहे हैं।
आगामी योजनाएं: सर्वेक्षण और तकनीकी सहायता
Intent to Solution एवं श्रीसरन्या के प्रतिनिधि अगले सप्ताह सभी बागानों का सर्वेक्षण करेंगे और उन्हें अपने संरक्षण में लेकर अधिक से अधिक लाभुकों को सीधे बाजार से जोड़ेंगे। वित्तीय वर्ष 2025-26 के अक्टूबर-नवंबर माह से तकनीक के माध्यम से उत्पादन बढ़ाने के लिए भी प्रयास आरंभ होंगे। ऑल सीजन फॉर्म फ्रेश के प्रतिनिधि ने भी किसानों को आश्वासन दिया कि वे बाजार उपलब्ध कराने में पूर्ण सहयोग करेंगे, जिससे किसानों की आय में सुधार होगा।

