
उदित वाणी, जमशेदपुर : गोलमुरी थाना क्षेत्र में फल कारोबारी कन्हैया यादव (50) की दिनदहाड़े हुई हत्या के बाद गुरुवार को भी इलाके में तनाव की स्थिति बनी रही. घटना से आक्रोशित परिजन और स्थानीय लोग सड़कों पर उतर आए. विरोध स्वरूप जगह-जगह टायर जलाए गए और पुलिस प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की गई. प्रदर्शन के कारण मुख्य सड़कों पर लंबा जाम लग गया, जिससे यातायात पूरी तरह प्रभावित रहा.
सूचना मिलते ही पुलिस प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची और जाम कर रहे लोगों को समझाने का प्रयास किया. हालांकि परिजनों और बस्तीवासियों ने साफ कहा कि जब तक मुख्य आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होती, वे जाम नहीं हटाएंगे और शव के साथ प्रदर्शन जारी रखेंगे. प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि हत्या की घटना पूर्व नियोजित थी और दोषियों को शीघ्र गिरफ्तार किया जाए.
गौरतलब है कि बुधवार सुबह कन्हैया यादव की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी. प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, हमलावरों ने कन्हैया यादव के सिर में दो गोलियां मारीं, जबकि पेट और पैर में एक-एक गोली लगी. गंभीर रूप से घायल कन्हैया यादव को तत्काल टीएमएच ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई. वहीं, उनके साथी रंजीत शर्मा उर्फ काली जान बचाने के लिए सिटी डीएसपी कार्यालय परिसर में घुस गए और पुलिस को घटना की सूचना दी.
परिजनों ने हत्या का आरोप सिदगोड़ा निवासी कालिका सिंह के बेटे राहुल सिंह, बिल्ला पाठक और उनके सहयोगियों पर लगाया है. पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर शूटर के पिता, एक पंजाबी युवक समेत तीन लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है. पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की गहन जांच की जा रही है और जल्द ही आरोपियों की गिरफ्तारी सुनिश्चित की जाएगी.

