
उदित वाणी जमशेदपुर : मंगलवार का दिन गालूडीह थाना क्षेत्र के लिए बेहद दुर्भाग्यपूर्ण साबित हुआ। क्षेत्र के तीन अलग-अलग स्थानों पर अचानक आग लगने की घटनाओं से अफरा-तफरी मच गई। बाघुडिया के जंगल, गिद्धिविल के काजू बागान तथा बड़ाखुर्सी स्थित रतन महतो के आम बागान में भीषण आग लग गई, जिससे भारी नुकसान हुआ।
ढाई एकड़ में फैला आम बागान पूरी तरह झुलसा:
सबसे ज्यादा क्षति बड़ाखुर्सी गांव के रतन महतो के आम बागान को हुई। करीब ढाई एकड़ में फैले इस बागान में लगभग 350 आम के पेड़ आग की चपेट में आकर पूरी तरह झुलस गए। बताया जाता है कि आग इतनी भयानक थी कि तीन से चार घंटे के भीतर पूरे बागान को अपनी चपेट में ले लिया।
रतन महतो ने बताया कि मनरेगा योजना के तहत 350 से अधिक आम के पौधे लगाए गए थे। पिछले आठ वर्षों से वे स्वयं मजदूरी लगवाकर बागान की साफ-सफाई और देखभाल करते आ रहे थे। इस वर्ष पेड़ों में भरपूर मंजर (फूल) आए थे और अच्छी पैदावार की उम्मीद थी। लेकिन आग की इस घटना ने उनकी वर्षों की मेहनत पर पानी फेर दिया। उन्होंने लगभग 10 लाख रुपये के नुकसान का अनुमान जताया है।
उन्होंने बताया कि दोपहर करीब 12:30 बजे आग लगने की सूचना मिली, जिसके बाद तुरंत वन विभाग को फोन कर जानकारी दी गई। वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और आग बुझाने का प्रयास किया, लेकिन तब तक अधिकांश पेड़ जल चुके थे। फिलहाल आग लगने के कारणों का स्पष्ट पता नहीं चल पाया है, हालांकि आशंका जताई जा रही है कि किसी शरारती तत्व द्वारा आग लगाई गई हो सकती है।
रतन महतो ने पीड़ा व्यक्त करते हुए कहा, “माचिस की एक तिल्ली खरीदने में भले ही एक रुपया लगता हो, लेकिन उससे होने वाली क्षति लाखों में होती है। मेरी आठ साल की मेहनत कुछ ही घंटों में राख हो गई।”
जंगल और काजू बागान भी आग की चपेट में:
इधर बाघुडिया के जंगल में लगी आग से वन संपदा को भारी नुकसान पहुंचा है। आग के कारण न सिर्फ पेड़-पौधे बल्कि वन्य जीव और पक्षियों का जीवन भी संकट में पड़ गया है। वहीं गिद्धिविल के काजू बागान में भी आग की लपटें देर शाम तक पूरी तरह काबू में नहीं आ सकी थीं।

