
उदित वाणी, जमशेदपुर: पूर्वी सिंहभूम (जमशेदपुर) के जिला शिक्षा पदाधिकारी (DEO) मनोज कुमार विवादों के घेरे में हैं. जिला परिषद अध्यक्ष बारी मुर्मू ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर DEO पर सरकार के नियमों को ताक पर रखकर सहायता प्राप्त विद्यालयों में अवैध तरीके से शिक्षकों की नियुक्ति करने और भ्रष्टाचार को बढ़ावा देने के गंभीर आरोप लगाए हैं.
भ्रष्टाचार और पद के दुरुपयोग का मामला
मुख्यमंत्री को भेजे गए पत्र में बारी मुर्मू ने स्पष्ट रूप से कहा है कि जिला शिक्षा पदाधिकारी, स्कूलों के प्रधानाध्यापक और सचिव के साथ मिलकर मोटी रकम के बदले मनमाने ढंग से शिक्षकों की बहाली कर रहे हैं.
मुख्य आरोप इस प्रकार हैं:
नियमों की अनदेखी: सहायता प्राप्त विद्यालयों में नियुक्ति की सरकारी प्रक्रिया का पालन नहीं किया जा रहा है.
शिक्षकों का उत्पीड़न: परसुडीह स्थित श्यामा प्रसाद उच्च विद्यालय की शिक्षिका रेनू चौधरी का उदाहरण देते हुए आरोप लगाया गया कि उन्हें 10 साल की सेवा के बाद मानसिक और आर्थिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा है ताकि उनकी जगह किसी और की ‘सौदा कर’ नियुक्ति की जा सके.
जांच में लीपापोती: पत्र के अनुसार, ADL उच्च विद्यालय, कदमा में भी ऐसी ही अनियमितताएं सामने आई थीं. तत्कालीन शिक्षा मंत्री स्वर्गीय रामदास सोरेन ने जांच के आदेश दिए थे, लेकिन विभाग द्वारा मामले में लीपापोती कर दी गई.
प्रशासनिक उदासीनता पर उठाए सवाल
जिप अध्यक्ष ने बताया कि इस पूरे मामले से जिले के उपायुक्त (DC) कर्ण सत्यार्थी को भी अवगत कराया गया है, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है. उन्होंने कहा कि अधिकारियों की यह चुप्पी भ्रष्टाचार को और बल दे रही है.
* “जिला शिक्षा पदाधिकारी द्वारा किए जा रहे इन अवैध कार्यों की उच्च स्तरीय जांच जरूरी है. पद का दुरुपयोग कर योग्य शिक्षकों को हटाना और पैसों के बदले नियुक्ति करना शिक्षा व्यवस्था के साथ खिलवाड़ है.”
* *बारी मुर्मू, अध्यक्ष, जिला परिषद (पूर्वी सिंहभूम)*
आगे की मांग
बारी मुर्मू ने मुख्यमंत्री से आग्रह किया है कि पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराई जाए और दोषी पाए जाने पर DEO मनोज कुमार के विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में इस प्रकार के संस्थागत भ्रष्टाचार पर लगाम लगाई जा सके.

