
उदित वाणी, जमशेदपुर: लगातार हो रही मूसलधार बारिश के चलते फडलूगोड़ा में भारी जलजमाव हो गया, जिससे आम जनजीवन और यातायात पूरी तरह ठप हो गया। गुरुवार को काली मंदिर क्षेत्र के पास टाटा-रांची नेशनल हाइवे और टाटा–पुरुलिया (पश्चिम बंगाल) मार्ग पूरी तरह जलमग्न हो गए। घंटों तक लोग जाम में फंसे रहे और वाहनों की लंबी कतारें लग गईं।
रिहायशी इलाकों में भरा पानी
सबसे अधिक प्रभावित क्षेत्र रहा आशियाना वुडलैंड कॉलोनी, जहां पानी की गहराई 15 से 20 फीट तक पहुंच गई। सैकड़ों घर जलमग्न हो गए और हजारों लोग घरों में फंसे रह गए। दर्जनों दोपहिया, चारपहिया वाहन, बसें और ट्रक पानी में डूब गए। गलियों ने नालों का रूप ले लिया, जिससे राहत पहुंचाना मुश्किल हो गया।
ड्रेनेज फेल, प्रशासन सक्रिय
प्रशासनिक हस्तक्षेप के बाद टाटा-रांची फोरलेन हाइवे से पानी निकालने के लिए पोकलेन मशीनों से काम शुरू हुआ। फिर भी हालात गंभीर बने हुए हैं और अधिकारी सामान्य स्थिति बहाल करने की कोशिश में जुटे हैं।
NHAI की लापरवाही उजागर
स्थानीय लोगों और जनप्रतिनिधियों ने इस जलजमाव के लिए राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) को जिम्मेदार ठहराया है। आरोप है कि चांडिल–डिमना सड़क निर्माण के दौरान एक महत्वपूर्ण नाले को मिट्टी से भर दिया गया, जिससे वर्षा का पानी निकल नहीं पाया और बाढ़ जैसी स्थिति बन गई।
कार्रवाई और स्थायी समाधान की मांग
लोगों ने NHAI और निर्माण एजेंसियों के खिलाफ तत्काल कार्रवाई और जिम्मेदारी तय करने की मांग की है। साथ ही उन्होंने भविष्य में ऐसी स्थिति से बचने के लिए स्थायी ड्रेनेज सिस्टम की स्थापना की मांग की है। हालांकि जिला प्रशासन राहत व बचाव कार्यों में जुटा है, लेकिन जलस्तर बढ़ने से कार्य प्रभावित हो रहा है।
वैकल्पिक मार्ग निर्धारित
हाइवे बंद होने के कारण प्रशासन ने कंदरबेड़ा–डोमुहानी–मानगो–डिमना रोड को टाटा और रांची की ओर जाने के लिए वैकल्पिक मार्ग घोषित किया है। यातायात को नियंत्रित करने के लिए पुलिस बल भी तैनात किया गया है।
