
1500 चारपहिया वाहन और तीन हजार दो पहिया वाहन बिके
आसमान छूती कीमतों के बावजूद आभूषण की जमकर हुई खरीददारी
उदित वाणी, जमशेदपुर : धनतेरस को लेकर जमशेदपुर का बाजार गुलजार रहा. जीएसटी की दरों में आई कमी का असर धनतेरस के बाजार पर दिखा. वाहनों से लेकर इलेक्ट्रॉनिक्स तक का बाजार अपने पूरे शबाब पर रहा. शनिवार होने के चलते 10 से लेकर 20 फीसदी ग्राहकों ने खरीददारी और डिलीवरी को रविवार तक टाल दिया. फेडरेशन ऑफ ऑटोमोबाइल डीलर्स एसोसिएशन के रीजनल डायरेक्टर (झारखंड) कृष्णा भालोटिया ने बताया कि पिछले साल के मुकाबले इस साल धनतेरस पर वाहनों का बाजार काफी अच्छा रहा. एक अनुमान के अनुसार धनतेरस के रोज लगभग 1500 चारपहिया वाहनों की बिक्री होने जा रही है, जो एक रिकॉर्ड है. शनिवार को लगभग 1100 वाहन बिके हैं. रविवार को भी 300-400 वाहन बिकेंगे. यही नहीं 2500 से लेकर 3000 तक दो पहिया वाहन बिके हैं. वाहन बाजार पर जीएसटी का साफ असर दिखा है. कुछ लोगों ने शनिवार होने के चलते अपनी डिलीवरी को रविवार 19 अक्टूबर तक टाल दिया.
टीवी की बिक्री सर्वाधिक
इलेक्ट्रोक्रॉफ्ट के किशोर सिंघानिया ने बताया कि जीएसटी का असर साफ दिख रहा है. सबसे ज्यादा टीवी की बिक्री हो रही है. आलम यह है कि हर ब्रांड के टीवी बिक गये हैं, क्योंकि कंपनी ने जितना उत्पादन किया था, उसके मुकाबले में टीवी की मांग ज्यादा रही. बाकी प्रोडक्ट भी बिक रहे हैं, मगर टीवी की मांग ज्यादा है. शनिवार के चलते अधिकतर लोगों ने अपनी खरीददारी रविवार को टाल दी है. ऐसे में माना जा रहा है कि रविवार को पहले हॉफ में भी जमकर खरीददारी होगी, क्योंकि दोपहर तक धनतेरस है.
आसमान छूती कीमत के बावजूद आभूषण का बाजार भी गुलजार रहा
धनतेरस पर आभूषण का बाजार भी गुलजार रहा. जीएसटी की दरों की कमी के दायरे में नहीं आने और सोने-चांदी की आसमान छूती कीमत के बावजूद शहरवासियों ने जमकर खरीददारी की. केशवजी छगनलाल ज्वेलर्स साकची और बिष्टुपुर के बिपीन आदेसरा ने बताया कि सोने और चांदी की कीमत बेहद वोलटाइल हो गई है. आज अन्तर्राष्ट्रीय बाजार बंद होने के चलते कोई बदलाव नहीं रहा. जमशेदपुर का ग्राहक काफी जानकार और मेच्योर्ड है. आजकल सोशल मीडिया से भी लोगों को बहुत कुछ जानकारी मिल जाती है. उन्हें पता है कि बाजार कभी भी ऊपर-नीचे जा सकता है. ऐसे में वे अपनी जरूरतों के हिसाब से खरीददारी करते हैं. उन्होंने कहा कि इस साल भी धनतेरस का बाजार अच्छा रहा. सोने और चांदी की कीमत ज्यादा होने के बावजूद भी खरीददारी पर कोई खास असर नहीं दिखा.

