
उदित वाणी, जमशेदपुर : डीबीएमएस कॉलेज ऑफ एजूकेशन में शुक्रवार, 20 मार्च 2026 को डाक विभाग द्वारा एक जागरूकता सत्र का आयोजन किया गया. इस सत्र में बिष्टुपुर पोस्ट ऑफिस से निशांत कुमार और उज्ज्वल केसरी ने छात्रों को पोस्ट ऑफिस की विभिन्न सुविधाओं और योजनाओं से अवगत कराया.
डाक सेवा का इतिहास और विस्तार
वक्ताओं ने बताया कि देश में कुल 1,64,983 डाकघर संचालित हैं. उन्होंने जानकारी दी कि वारेन हेस्टिंग्स के कार्यकाल में मार्च 1774 में डाक सेवा को आम जनता के लिए खोल दिया गया था. आज कश्मीर से लेकर कन्याकुमारी तक, सुदूर ग्रामीण इलाकों से लेकर जल क्षेत्रों तक डाकघरों का व्यापक नेटवर्क स्थापित है.

महिलाओं के लिए बीमा और नई सुविधाएं
सत्र में बताया गया कि वर्ष 1995 से पहले पोस्ट ऑफिस में महिलाओं का बीमा नहीं किया जाता था, लेकिन उसके बाद ग्रामीण क्षेत्रों में भी महिलाओं के लिए बीमा सुविधाएं शुरू की गईं.
वक्ताओं ने यह भी बताया कि आज के समय में पोस्ट ऑफिस की सेवाएं अत्यंत आधुनिक हो चुकी हैं. अब घर बैठे ऑनलाइन स्पीड पोस्ट की सुविधा उपलब्ध है. इसके साथ ही भारत पोस्ट द्वारा एटीएम सुविधा भी दी जा रही है और इच्छुक व्यक्ति ऑनलाइन अपने खाते खोल सकते हैं. वरिष्ठ नागरिकों को बैंकों की तुलना में अधिक ब्याज दर का लाभ भी प्रदान किया जाता है.
छात्रों के लिए योजनाओं की जानकारी
इस सत्र में बी.एड. के छात्रों को लड़कियों, महिलाओं, छात्रों और वरिष्ठ नागरिकों के लिए संचालित विभिन्न योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी गई. यह कार्यक्रम विशेष रूप से भावी शिक्षकों के लिए कॉलेज प्रबंधन द्वारा आयोजित किया गया था.
संवादात्मक रहा कार्यक्रम
कार्यक्रम की शुरुआत प्राचार्या डॉ. जूही समर्पिता द्वारा अतिथियों के स्वागत से हुई, जबकि धन्यवाद ज्ञापन बी.एड. की छात्रा प्रज्ञा प्रियदर्शिनी ने किया.
इस अवसर पर सचिव प्रिया धर्मराजन, संयुक्त सचिव सुधाकर दिलीप, उप-प्राचार्या डॉ. मोनिका उप्पल सहित सभी शिक्षक-शिक्षिकाएं और स्टाफ सदस्य उपस्थित रहे.
सत्र के दौरान प्रतिभागियों ने अपनी समस्याएं खुलकर रखीं और भारत सरकार की डाक सेवाओं के बारे में जानकारी प्राप्त की. छात्रों ने भी कई प्रश्न पूछकर कार्यक्रम को रोचक और संवादात्मक बना दिया.

