
उदित वाणी, जमशेदपुर : डीबीएमएस कॉलेज ऑफ एजुकेशन में बी.एड सत्र 2025-27 के नए विद्यार्थियों का स्वागत दो दिवसीय ओरिएंटेशन प्रोग्राम के साथ किया गया, जिसकी शुरुआत प्रार्थना व मंगलाचरण से हुई. कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य भावी शिक्षकों को कॉलेज की शैक्षिक नीतियों, मूल्य आधारित शिक्षा, अनुसंधानात्मक दृष्टि और संस्थान की अनुशासन व्यवस्था से परिचित कराना था.
कार्यक्रम के उद्घाटन सत्र में कॉलेज के अध्यक्ष, सचिव, प्रशासनिक सचिव तथा प्राचार्या सहित सभी पदाधिकारियों ने विद्यार्थियों का स्वागत करते हुए शिक्षक की भूमिका, कर्तव्यबोध और समाज निर्माण में शिक्षा की अहमियत पर विचार रखे. वक्ताओं ने विद्यार्थियों को लक्ष्य निर्धारण, समय प्रबंधन और विद्यालय स्तर पर गुणवत्तापूर्ण शिक्षण के लिए आवश्यक कौशल विकसित करने की प्रेरणा दी.

पहले दिन के समापन सत्र में पूर्व छात्र-छात्राओं के अनुभव साझा कराए गए, जिनके माध्यम से नवप्रवेशी विद्यार्थियों को पाठ्यक्रम, प्रैक्टिकल कार्य, स्कूल इंटर्नशिप और परीक्षा प्रणाली की रूपरेखा समझाई गई. प्राचार्या ने बी.एड कार्यक्रम की संरचना, वार्षिक गतिविधियों और कॉलेज द्वारा उपलब्ध कराई जाने वाली संसाधन-सुविधाओं की जानकारी दी.
दूसरे दिन की शुरुआत पुस्तकालय परिचय सत्र से हुई, जिसमें विद्यार्थियों को संदर्भ पुस्तकों, जर्नल, ई-रिसोर्सेस और लाइब्रेरी उपयोग के नियमों से अवगत कराया गया. इसी दिन वैल्यू एडेड कोर्स, सह-पाठ्यक्रम गतिविधियों और कॉलेज में आयोजित होने वाले कार्यशालाओं, सेमिनारों तथा सांस्कृतिक कार्यक्रमों की रूपरेखा भी प्रस्तुत की गई, ताकि विद्यार्थी पूरे उत्साह के साथ वर्ष भर की शैक्षिक व रचनात्मक गतिविधियों में भाग ले सकें.
कार्यक्रम के अंतिम सत्र में विद्यार्थियों के लिए परिचयात्मक व आइस-ब्रेकिंग गतिविधियाँ कराई गईं, जिससे आपसी संवाद, टीम भावना और सकारात्मक वातावरण को बढ़ावा मिला. दो दिवसीय ओरिएंटेशन के दौरान संकाय सदस्यों ने छात्रों की शंकाओं का समाधान करते हुए उन्हें जिम्मेदार, संवेदनशील और नवाचारी शिक्षक बनने के लिए प्रेरित किया.

