उदित वाणी, जमशेदपुर: सरकारी स्कूलों के बच्चों को अभी गर्म हवा के थपेड़े से जूझते हुए स्कूल जाना ही पड़ेगा, क्योंकि शिक्षा विभाग इन बच्चों को राहत देने के मूड में फिलहाल बिल्कुल भी नहीं है.
विभाग ने न तो गर्मी को देखते हुए स्कूल में जल्दी छुट्टी की घोषणा की और न ही इसकी संभावना जताई. उल्टे गाइडलाइन जारी कर दिया कि गर्मी के इस मौसम में बच्चों को कैसे सुरक्षित रखा जा सकता है। कैसे उन्हें स्कूल में पानी पिलाते रहने से स्थिति नियंत्रित रह सकती है.
बाकायदा शिक्षा सचिव ने जिला शिक्षा अधीक्षकों के साथ की गई वीडियो कांफ्रेंसिंग में कहा है कि बच्चों को पानी पिलाते रहने से कोई समस्या नहीं होगी. शिक्षा सचिव के रुख से अभिभावकों को निराशा हाथ लगी है. उन्होंने उम्मीद बांधी थी कि सोमवार तक स्कूली शिक्षा व साक्षरता विभाग के सचिव स्कूलों के छुट्टी के समय के सुबह 11 बजे कर देंगे.
शिक्षकों ने पिछले दिनों इसे लेकर आंदोलन किया था और आश्वासन भी मिला था, इसलिए उम्मीद ज्यादा थी, लेकिन ऐसा हुआ नहीं. इसकी जगह शिक्षा सचिव ने गर्मी से बच्चों के बचाव को लेकर गाइडलाइन जारी किया गया.
गाइडलाइन में सचिव ने बच्चों को पानी पीते रहने का निर्देश दिया है. एक ओर जहां निजी स्कूल 11 से 12 बजे तक बच्चों को छुट्टी देकर गर्मी से सुरक्षित करने का कदम उठा रहे हैं, वहीं शिक्षा सचिव स्कूलों को जल्दी छुट्टी देने की जगह धूप-गर्मी से बचाव के सुझाव दे रहे हैं. सोमवार को जिला शिक्षा अधीक्षकों के साथ हुई वीडियो कांफ्रेंसिंग में उन्होंने गर्मी से बचने के लिए सुझावों की लंबी-चौड़ी सूची जारी की है.
सचिव ने निर्देश दिया है कि बच्चे के मूत्र त्याग के समय उसका रंग देखें, यदि वह पीला हो तो अधिक पानी पीने की आवश्यकता है. इसके अलावा 17 बिंदुओं पर सचिव ने स्कूलों में बच्चों को गर्मी से बचाव के तरीके बताए हैं. इसमें स्कूल अवधि में 12 बजे के बाद बच्चों को धूप में न खेलने और मध्याह्न भोजन में तरबूज, केला, ककड़ी, खीरा देने का सुझाव दिया.
ये निर्देश दिए गए हैं
# विद्यालय- प्रत्येक वर्ग कक्ष में पंखे की व्यवस्था की जाए.
# पानी पीने हेतु घड़े की व्यवस्था एवं उसकी नियमित साफ-सफाई हो.
# बच्चे को ज्यादा से ज्यादा पानी पीने हेतु प्रोत्साहित करे। इसके लिए मध्याहन भोजन के अवधि के अलावे दिन में दो बार पानी पीने हेतु समयान्तराल दिया जाय.
# बच्चों को पीने के पानी में नींबू -आम नमक के साथ मिला कर दिया जा सकता हैं.
# सभी बच्चे छुटट्टी के समय टोपी, सफेद कपड़ा, रूमाल से अपना सिर ढकें, यह सुनिश्चित किया जाय.
# मध्याहन भोजन में तरबूज, केला, ककड़ी, खीरा, संतरा इत्यादि मौसमी फल इत्यादि दिया जा सकता है.
# विद्यालय स्तर पर संयोजिका, सेविका, माता समिति की बैठक कर लू से बचाव की जानकारी दी जाए.
# सुनिश्चित किया जाय कि बच्चे खाली पेट में विद्यलाय नहीं आयें.
# विद्यालय नजदीक के पीएचसी-सीएचसी सहिया से सम्पर्क स्थापित कर किसी प्रकार की चिकित्सिय समस्या होने पर तत्काल सूचना देंगे.
# आवश्यकतानुसार बच्चे पीने के पानी का बोतल साथ ला सकते है.
# गर्मी से बचाव के उपाय / सुझाव पर चर्चा प्रार्थना सभा में किया जाय.
# बच्चे मूत्र त्याग के समय मूत्र का रंग देखें यदि वह पीला हो तो उसे अधिक पानी पीने की आवश्यकता है। ज्ञात हो कि मूत्र रंगहीन होता है। संबंधित जानकारी बच्चों को दें।
नहीं किये जाने वाले कार्य
# विद्यालय अवधि के दौरान अपराहन 12.00 बजे के बाद कोई भी बच्चा धूप में न खेलें.
# बच्चे विद्यालय अवधि में धूप में न निकले इसका ध्यान रखा जाय । 3. विद्यालय से बाहर किसी प्रकार के गतिविधिययां आयोजन में बच्चे भाग नहीं लेंगे.
# मध्याहन भोजन का संचालन धूप वाले जगह में बच्चों को बैठाकर नहीं किया.
# जाय मध्याहन भोजन मसालेदार एवं तैलीय न हो.
शहर के सभी निजी स्कूलों ने बदला छुट्टी का समय
शहर के सभी निजी स्कूलों ने गर्मी को देखते हुए स्कूल का समय बदल दिया है. अधिकतर स्कल अब सुबह 6.15 बजे खुलेंगे और 11 से 11.45 तक यहां बच्चों को छुट्टी दे दी जाएगी. स्कूलों ने समय सारणी में यह बदलाव खुद किया है.
इसके लिए सरकार या शिक्षा विभाग की ओर से अभी तक कोई चिट्ठी जारी नहं की गई है. निजी स्कूलों ने स्वत: बच्चों को राहत देने के लिए छुट्टी का समय 11 से 12 बजे तक निर्धारित कर दिया है. सोमवार को लिटिल फ्लावर स्कूल टेल्कों व केसएमएस व काशीडीह हाई स्कूल जैसे स्कूलों ने 12 बजे छुट्टी करने का नोटिस अभिभावकों को भेज दिया है.
इनके अलावा लोयोला, चिन्मया, डीबीएमएस, तारापोर स्कूल, केपीएस कदमा, शिक्षा निकेतन, दयानंद पब्लिक स्कूल, नरभेराम हंसराज, सेक्रेड हार्ट कान्वेंट, संत मेरीज, एमएनपीएस, विद्या भारती चिन्मया, जुस्को स्कूल, डीबीएमएस इंग्लिश स्कूल, जेएच तारापोर स्कूल पहले ही 11 से 12 बजे तक बच्चों को छुट्टी देने का नोटिस जारी कर चुके हैं.


