
टाटा स्टील फाउंडेशन की संयुक्त पहल से 63 हजार बच्चों को मिला मिड डे मिल
उदित वाणी, जमशेदपुर: समतामूलक समाज के निर्माण और राज्य स्तर पर कुपोषण दूर करने के टाटा स्टील फाउंडेशन के विजन को आगे बढ़ाते हुए मध्याह्न भोजन योजना के तहत शुक्रवार को पश्चिमी सिंहभूम के चाईबासा में एक सेंट्रलाइज़्ड किचन का उद्घाटन किया गया.
यह कार्यक्रम टाटा स्टील फाउंडेशन, झारखंड सरकार और अन्नामृता फाउंडेशन द्वारा संयुक्त रूप से आयोजित किया गया और जिले की युवा आबादी – सरकारी शिक्षा संस्थानों के स्कूल में पढ़ने वाले बच्चों को समर्पित किया गया.
श्रीमती जोबा मांझी, महिला, बाल विकास और सामाजिक सुरक्षा मंत्री, झारखंड सरकार ने इसका उदघाटन किया. मौके पर दीपक बिरुआ, विधायक चाईबासा, श्रीमती गीता कोड़ा, संसद सदस्य, सिंहभूम, अनन्या मित्तल, आईएएस, उपायुक्त, पश्चिमी सिंहभूम, किरण कुमारी पासी आईएएस, निदेशक, पीएम पोषण योजना, आशुतोष शेखर, आईपीएस, पुलिस अधीक्षक, पश्चिम सिंहभूम, सौरव रॉय, चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर, टाटा स्टील फाउंडेशन मौजूद थे.
झारखंड सरकार और अन्नामृता फाउंडेशन के सहयोग से विकसित सेंट्रलाइज्ड किचन का उद्देश्य पश्चिम सिंहभूम जिले के 523 स्कूलों और आठ ब्लॉकों में 63,000 से अधिक छात्रों को मध्याह्न भोजन परोसना है.
इससे बच्चों को पौष्टिक भोजन मिलेगा
जोबा मांझी ने कहा कि मुझे उम्मीद है कि यह रसोई और यहां तैयार किया गया पौष्टिक भोजन पश्चिमी सिंहभूम के बच्चों के स्वास्थ्य को लाभ पहुंचाएगा. मैं इस सहयोग के लिए अन्नामृता फाउंडेशन और टाटा स्टील फाउंडेशन की शुक्रगुजार हूं.
सौरव रॉय ने कहा कि देश भर में बहुत कम राज्य हैं जिनके पास न केवल विकास संबंधी जरूरतों की एक श्रृंखला है, बल्कि विकासात्मक समाधान की दिशा में काम करने की अपार संभावनाएं हैं.
यह रसोई धीरे-धीरे हमें विकास का एक मॉडल तैयार करने में मदद कर सकती है जिसे पूरे देश में समान विकास के मुद्दों से जूझ रहे क्षेत्रों में दोहराया जा सकता है.
उल्लेखनीय है कि यह परियोजना पूर्वी सिंहभूम में सफलतापूर्वक चलाये जा रहे ऐसी ही पहल से प्रेरित है, जहां इस प्रयास को जबरदस्त सफलता मिली है और वर्तमान में 428 स्कूलों में लगभग 52,000 छात्रों को दैनिक आधार पर भोजन परोसा जा रहा है.
लागत 10 करोड़ होगी
परियोजना पूरी होने के बाद इस रसोई को स्थापित करने की कुल लागत 10 करोड़ रुपये से अधिक होगी. जबकि झारखंड सरकार द्वारा 1.8 एकड़ की भूमि प्रदान की गई है. टाटा स्टील फाउंडेशन बुनियादी ढांचे की स्थापना का कार्यभार संभालेगा.
इसके बाद अन्नमित्र रसोई के रोजमर्रा के कार्यों को देखेंगे, जो आज से 13 महीने बाद शुरू होने वाला है,

