
उदित वाणी, जमशेदपुर : जमशेदपुर को-ऑपरेटिव कॉलेज में मंगलवार को कचरा प्रबंधन पर कार्यशाला का आयोजन किया गया। आयोजन कॉलेज के वोकेशनल सेल (बीबीए, बीसीए, बीएससी आईटी) की ओर से किया गया। प्राचार्य डॉ. अमर सिंह, वरीय शिक्षिका डॉ. नीता सिन्हा, प्रो. ब्रजेश कुमार एवं हुल्लाडेक के पदाधिकारी अर्जुन कुमार ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर कार्यशाला की शुरुआत की।
छात्र-छात्राओं को संबोधित करते हुए प्राचार्य डॉ. अमर सिंह ने कहा कि ई-कचरा मानव जीवन और पर्यावरण के लिए हानिकारक हैं। भविष्य में इससे संकट बढ़ेगा। उन्होंने कहा कि पुराना या खराब हो चुका मोबाइल हो या अन्य ई-कचरा, उसे जमीन में गाड़ देना समस्या का उचित समाधान नहीं है। इससे जमीन की उर्वरा शक्ति, जल प्रदूषण आदि जैसे संकट उत्पन्न होने की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता है।
इसलिए इस समस्या पर गंभीरतापूर्वक विचार करते हुए ई-कचरे का उचित निष्पादन जरूरी है। डॉ. नीता सिन्हा ने विषय प्रवेश कराते हुए देश में बढ़ते ई-कचरा, इसके संकट, इसके दुष्परिणाम आदि पर प्रकाश डाला। मुख्य वक्ता अर्जुन कुमार सिंह ने छात्र-छात्राओं को वेस्ट मैनेजमेंट की विस्तृत जानकारी दी। इस अवसर बर्सर अशोक कुमार रवानी, डॉ. स्वाति सोरेन, डॉ. स्वरूप मिश्रा, ईश्वर कुमार, रिकी सुत्रधर, पूनम प्रसाद, कुमुद सुभ्रा के अलावा काफी संख्या कॉलेज के शिक्षक-शिक्षिकाएं एवं छात्र-छात्राएं उपस्थित थे।

