
उदित वाणी जमशेदपुर : जुगसलाई थाना की पुलिस ने फरार चल रहे आरोपी मनीष सिंह को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। पुलिस की ओर से जारी आधिकारिक बयान में बताया गया कि इस मामले में पहले गिरफ्तार किए गए अभियुक्तों को हथियार और कारतूस उपलब्ध कराने में मनीष सिंह की अहम भूमिका सामने आई है।
पुलिस के अनुसार, इस कांड में पूर्व में गिरफ्तार आरोपी रोशन सिंह के पास से एक देशी लोहे का कट्टा और दो जिंदा कारतूस बरामद किए गए थे। वहीं, दूसरे आरोपी दीपक सिंह के पास से भी दो जिंदा कारतूस मिले थे। जांच में खुलासा हुआ कि ये हथियार और कारतूस मनीष सिंह द्वारा ही उपलब्ध कराए गए थे।
पुलिस ने बताया कि मनीष सिंह मूल रूप से जुगसलाई के गौशाला नाला रोड स्थित पवट मोहल्ला का निवासी है। गिरफ्तारी के डर से वह लगातार दिल्ली और उत्तर प्रदेश के विभिन्न इलाकों में छिपकर रह रहा था। इसी दौरान वह अपनी पत्नी से मिलने के लिए जमशेदपुर से सटे चांडिल थाना क्षेत्र के काली मंदिर पारडीह इलाके में स्थित होटल गोल्डन लीफ रिसॉर्ट में गुप्त रूप से ठहरा हुआ था।
इसकी सूचना मिलते ही जुगसलाई थाना पुलिस ने एक विशेष छापामारी दल का गठन किया। टीम ने गुप्त सूचना के आधार पर होटल में छापेमारी कर मनीष सिंह को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने उसे न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया।
पुलिस के मुताबिक, इस मामले के मुख्य आरोपी दीपक सिंह और रोशन सिंह को पहले ही गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेजा जा चुका है। अनुसंधान के दौरान यह भी सामने आया है कि मनीष सिंह एक कुख्यात अपराधी है और उसके खिलाफ पहले से हत्या, फायरिंग, आर्म्स एक्ट, मारपीट और जुआ अधिनियम से जुड़े कई मामले दर्ज हैं।
जांच में यह भी खुलासा हुआ है कि मनीष सिंह का कई आपराधिक गिरोहों से संबंध रहा है। पूछताछ में उसने स्थानीय लोगों से रंगदारी मांगने और लोगों को भयभीत करने की बात भी स्वीकार की है। पुलिस के अनुसार, वह एक संगठित आपराधिक गिरोह का सक्रिय सदस्य रहा है और लंबे समय से क्षेत्र में आपराधिक गतिविधियों में संलिप्त रहा है। फिलहाल पुलिस मामले की आगे की जांच कर रही है और गिरोह से जुड़े अन्य संभावित आरोपियों की तलाश भी जारी है।

