
उदित वाणी, जमशेदपुर : राज्य सरकार द्वारा फरवरी माह में मानगो नगर निगम का आम चुनाव तो संपन्न करा दिया गया, लेकिन अब तक निगम का स्थायी कार्यालय नहीं होने के कारण मेयर, उपमेयर और वार्ड पार्षदों के माध्यम से जनता के जरूरी कामकाज के संचालन पर सवाल खड़े हो रहे हैं. मानगो नगर निगम की पहली मेयर बनीं सुधा गुप्ता और उनके पति पूर्व मंत्री बन्ना गुप्ता ने हाल ही में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और कल्पना सोरेन से शिष्टाचार मुलाकात की थी. इस दौरान बन्ना गुप्ता ने मुख्यमंत्री के समक्ष नगर निगम का अपना कार्यालय नहीं होने और एक छोटे से भवन में अस्थायी रूप से कामकाज चलने की समस्या को उठाया.
सूत्रों के अनुसार शिकायत को गंभीरता से लेते हुए मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने संबंधित अधिकारियों से पूछा कि फंड उपलब्ध होने के बावजूद पिछले एक वर्ष से कार्यालय भवन निर्माण की फाइल लंबित क्यों पड़ी है. उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि मामले में तुरंत पहल कर नगर निगम कार्यालय भवन निर्माण कार्य शुरू कराया जाए और यदि जमीन से संबंधित कोई विवाद है तो उसे भी शीघ्र सुलझाया जाए. मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि नवनिर्वाचित जनप्रतिनिधियों को कार्य करने के लिए बेहतर माहौल मिलना चाहिए ताकि जनता की समस्याओं का त्वरित समाधान हो सके.
बताया जा रहा है कि फिलहाल जनप्रतिनिधियों के कार्यालय अस्थायी रूप से किसी किराए के भवन में चलाने का प्रस्ताव रखा गया था, जिस पर मुख्यमंत्री ने कड़ा एतराज जताते हुए पूछा कि आखिर यह व्यवस्था कब तक चलती रहेगी. उन्होंने अधिकारियों को जल्द स्थायी समाधान निकालने के निर्देश दिए हैं. गौरतलब हो कि 27 फरवरी के अंक में *आपके प्रिय दैनिक अखबार उदित वाणी* ने मामले को प्रमुखता से प्रकाशित किया था जिसमें यह जानकारी दी गई थी कि एक छोटे से भवन में ही मानगो नगर निगम का कार्यालय चल रहा है जिसमें पहले से ही जगह की कमी चल रही है और अब नगर निगम का चुनाव परिणाम घोषित होने के बाद जनप्रतिनिधियों को एक बार फिर कार्यालय के लिए मशक्कत करनी पड़ेगी.

