
उदित वाणी जमशेदपुर: Arka Jain University के स्कूल ऑफ ह्यूमैनिटीज के अंतर्गत अंग्रेज़ी विभाग, पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग तथा फैशन डिजाइन विभाग के संयुक्त तत्वावधान में 13 और 14 मार्च 2026 को “इंटरसेक्शन्स ऑफ लिटरेचर, मीडिया एंड डिजाइन इन शेपिंग सोशल नेरेटिव्स” विषय पर दो दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन का सफल आयोजन किया गया। सम्मेलन का उद्देश्य साहित्य, मीडिया और डिजाइन के पारस्परिक संबंधों के माध्यम से समाज में निर्मित हो रहे विभिन्न सामाजिक आख्यानों पर विमर्श करना था। कार्यक्रम का आयोजन हाइब्रिड मोड में किया गया, जिसमें ऑफलाइन और ऑनलाइन दोनों माध्यमों से प्रतिभागियों ने भाग लिया।
कार्यक्रम का उद्घाटन सत्र प्रातः 11 बजे जेह ऑडिटोरियम में प्रारंभ हुआ। कार्यक्रम का संचालन निश्का अतनु तरफदार ने किया। सम्मेलन के संयोजक एवं सहायक अधिष्ठाता, स्कूल ऑफ ह्यूमैनिटीज डॉ. राहुल आमिन ने स्वागत भाषण देते हुए सम्मेलन की रूपरेखा और इसके शैक्षणिक महत्व पर प्रकाश डाला।
इस अवसर पर बोर्ड ऑफ मैनेजमेंट के अध्यक्ष प्रो. एस. एस. रज़ी ने साहित्य, मीडिया और डिजाइन के माध्यम से समाज में सकारात्मक परिवर्तन की आवश्यकता पर बल दिया। विश्वविद्यालय के प्रतिकुलपति प्रो. (डॉ.) अंगद तिवारी ने अपने संबोधन में विश्वविद्यालय में हो रहे शैक्षणिक और शोधपरक प्रयासों की सराहना की। आईक्यूएसी के निदेशक डॉ. अरविंद कुमार पांडेय ने गुणवत्तापूर्ण शोध और अंतर्विषयी संवाद की आवश्यकता पर प्रकाश डाला, जबकि कुलसचिव डॉ. अमित कुमार श्रीवास्तव ने ऐसे सम्मेलनों को ज्ञान-विनिमय का महत्वपूर्ण मंच बताया।
मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित Kolhan University के पूर्व विभागाध्यक्ष (अंग्रेज़ी एवं सांस्कृतिक अध्ययन विभाग) डॉ. आर. एस. दयाल ने अपने प्रेरक वक्तव्य में साहित्य और मीडिया के सामाजिक प्रभाव तथा समकालीन संदर्भों में उनके महत्व को रेखांकित किया। इस अवसर पर उन्हें स्मृति-चिह्न देकर सम्मानित किया गया।
उद्घाटन सत्र के बाद प्रथम कीनोट व्याख्यान में वरिष्ठ डिजाइनर एवं उद्यमी निकुंज नरेड़ी ने डिजाइन और मीडिया के माध्यम से सामाजिक आख्यानों के निर्माण पर अपने विचार साझा किए। इस सत्र का संचालन प्रो. उषा किरण बरला ने किया।
दोपहर के भोजनावकाश के बाद आयोजित तकनीकी सत्र की अध्यक्षता डॉ. राहुल आमिन ने की, जबकि संचालन डॉ. रूपा सरकार ने किया। इस सत्र में विभिन्न शोधार्थियों और विद्वानों ने अपने शोध-पत्र प्रस्तुत किए तथा विषय से संबंधित महत्वपूर्ण विचार-विमर्श हुआ।
सम्मेलन के दूसरे दिन कार्यक्रम का आरंभ द्वितीय कीनोट व्याख्यान से हुआ। इसमें JECRC University, जयपुर के स्कूल ऑफ ह्यूमैनिटीज एंड सोशल साइंसेज़ के अधिष्ठाता डॉ. सुनील कुमार मिश्रा ने साहित्य और मीडिया के अंतर्संबंधों पर विस्तृत व्याख्यान दिया। इस सत्र का संचालन प्रो. श्याम कुमार ने किया। इसके बाद तृतीय कीनोट व्याख्यान में Usha Martin University की सहायक प्रोफेसर डॉ. रूपा कुमारी ने मीडिया विमर्श और सामाजिक आख्यानों पर अपने विचार साझा किए।
इसके पश्चात आयोजित तकनीकी सत्र की अध्यक्षता डॉ. राजकुमारी घोष ने की तथा संचालन प्रो. उषा किरण बरला ने किया, जिसमें प्रतिभागियों ने अपने शोध-पत्र प्रस्तुत किए और विषय पर सार्थक चर्चा हुई।
सम्मेलन का समापन सत्र अपराह्न 2:30 से 3:30 बजे तक आयोजित किया गया। इस सत्र का संचालन प्रो. उर्मिला ठाकुर ने किया। आयोजन सचिव डॉ. मनोज कुमार पाठक ने सम्मेलन का संक्षिप्त प्रतिवेदन प्रस्तुत किया। संयोजक डॉ. राहुल आमिन ने सभी प्रतिभागियों, अतिथियों और आयोजकों के प्रति आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर प्रतिभागियों से फीडबैक भी प्राप्त किया गया तथा ऑफलाइन प्रतिभागियों को प्रमाण-पत्र प्रदान किए गए।
अंत में धन्यवाद ज्ञापन और राष्ट्रीय गान के साथ दो दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन का सफलतापूर्वक समापन हुआ।

