
उदित वाणी जमशेदपुर: जुगसलाई नगर परिषद के गलियारों में सोमवार को उस वक्त ‘कमल’ का किस्मत कनेक्शन एक बार फिर चर्चा में आ गया, जब अर्चना दुबे आधिकारिक तौर पर उपाध्यक्ष निर्वाचित घोषित की गईं। यह जीत महज एक चुनावी प्रक्रिया नहीं, बल्कि उस धैर्य और राजनीतिक बिसात का परिणाम है, जिसकी पटकथा महीनों पहले लिखी गई थी। अर्चना दुबे की इस सफलता के पीछे उनके पति और भाजपा के कद्दावर नेता बड़ेलाल दुबे की दूरगामी रणनीति और पार्टी के शीर्ष नेतृत्व द्वारा दिए गए भरोसे की बड़ी भूमिका रही।
त्याग का मिला प्रतिफल
बता दें कि गत 23 जून को हुए नगर परिषद चुनाव के दौरान अर्चना दुबे भाजपा समर्थित अध्यक्ष पद की प्रबल दावेदार मानी जा रही थीं। उनके पति बड़ेलाल दुबे ने इसके लिए पूरी तैयारी भी कर ली थी। हालांकि, राजनीतिक समीकरण बदले और भाजपा व एनडीए का समर्थन हासिल करने में रिंकू सिंह सफल रहीं। उस वक्त दुबे परिवार के लिए यह किसी झटके से कम नहीं था, लेकिन भाजपा के बड़े नेताओं ने दखल देते हुए अर्चना दुबे और बड़ेलाल दुबे को आश्वस्त किया था कि “सब्र रखिए, फल मीठा होगा।”
पार्टी के अनुशासन और वरिष्ठ नेताओं के आश्वासन पर भरोसा जताते हुए अर्चना दुबे ने अध्यक्ष पद की रेस से अपने कदम पीछे खींच लिए थे। तभी यह संकेत मिल गया था कि संगठन उपाध्यक्ष के चुनाव में उनके लिए रास्ता साफ करेगा।
वार्ड पार्षद से उपाध्यक्ष तक का सफर
अध्यक्ष पद का मोह छोड़ अर्चना दुबे ने वार्ड पार्षद के चुनाव पर ध्यान केंद्रित किया और जीत दर्ज की। जैसे ही वे पार्षद निर्वाचित हुईं, बड़ेलाल दुबे ने अपनी अगली चाल चलनी शुरू कर दी। उन्होंने न केवल भाजपा के बड़े नेताओं को साधे रखा, बल्कि नवनिर्वाचित वार्ड पार्षदों के साथ भी निरंतर संपर्क बनाए रखा।
पर्दे के पीछे की रणनीति
सूत्रों की मानें तो सोमवार को हुए चुनाव से पहले ही बड़ेलाल दुबे ने पार्षदों के बीच अपनी पैठ मजबूत कर ली थी। उनकी रणनीति का ही असर था कि मतदान के दौरान अर्चना दुबे के पक्ष में माहौल पूरी रहा। राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि यह जीत दर्शाती है कि राजनीति में ‘त्याग’ और ‘रणनीति’ का सही तालमेल हो, तो सफलता निश्चित है।
कार्यकर्ताओं में जश्न का माहौल
अर्चना दुबे के उपाध्यक्ष बनते ही समर्थकों और भाजपा कार्यकर्ताओं में भारी उत्साह देखा गया। समर्थकों का कहना है कि पार्टी ने अपना वादा निभाया और अर्चना दुबे के रूप में परिषद को एक अनुभवी और समर्पित चेहरा मिला है।

