
उदित वाणी, जमशेदपुर : अदित्यपुर निवासी सरकारी चिकित्सक डॉ. मृत्युंजय सिंह और झारखंड के पूर्व स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता के बीच चला आ रहा विवाद अब अदालत तक पहुंच गया है. डॉ. सिंह ने सीजेएम कोर्ट में पूर्व मंत्री बन्ना गुप्ता, पवन कुमार और विजय वर्मा के खिलाफ क्रिमिनल केस दायर किया है. मामले की सुनवाई शुक्रवार को हुई.
दायर शिकायतवाद में डॉ. मृत्युंजय ने तीनों पर आरोप लगाया है कि उन्होंने पद का दुरुपयोग करते हुए उनके खिलाफ झूठा आरोप लगाकर बदनाम किया. उनका कहना है कि गलत तरीके से उनके चरित्र पर प्रश्नचिह्न लगाया गया और साजिशन झूठी रिपोर्ट तैयार कर उन्हें सामाजिक और मानसिक रूप से नुकसान पहुंचाया गया. इसी का परिणाम हुआ कि उन्हें पदमुक्त कर दिया गया. कोर्ट ने प्रारंभिक सुनवाई के बाद मामले की आगे की प्रक्रिया शुरू कर दी है.
क्या था मामला?
डॉ. मृत्युंजय सिंह पर स्वास्थ्य विभाग ने आरोप लगाया था कि वे अक्सर बिना सूचना ड्यूटी से अनुपस्थित रहते हैं और बायोमेट्रिक हाजिरी भी नहीं लगाते. इन आधारों पर उन्हें 1 जनवरी 2025 से निलंबित कर दिया गया था.
लेकिन विभागीय जांच में यह आरोप गलत साबित हुआ. जांच रिपोर्ट में पाया गया कि सितंबर 2023 से जुलाई 2024 के बीच डॉ. सिंह ने 262 दिन ड्यूटी की थी. अस्पताल प्रबंधन ने भी स्पष्ट किया कि वे नियमित रूप से कार्यरत थे और उनके नाम का रोस्टर में स्पष्ट उल्लेख था.
इन तथ्यों को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने माना कि लगाए गए आरोप निराधार थे. विभाग ने उनका निलंबन समाप्त कर उन्हें तत्काल प्रभाव से ड्यूटी पर बहाल कर दिया.

