
उदित वाणी, जमशेदपुर : राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम्’ के 150 वर्ष पूर्ण होने तथा आगामी 15 नवम्बर को मनाए जाने वाले जनजातीय गौरव दिवस के उपलक्ष्य में आज चक्रधरपुर रेलवे स्टेशन परिसर में एक भव्य समारोह का आयोजन किया गया। समारोह में देशभक्ति और सांस्कृतिक गौरव की झलक देखने को मिली।
कार्यक्रम का शुभारंभ राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम्’ के सामूहिक गायन से हुआ। इस दौरान उपस्थित अधिकारियों, कर्मचारियों और आमजन ने भारत माता के प्रति अपनी श्रद्धा और गर्व की भावना व्यक्त की। ‘वंदे मातरम्’ के 150 वर्षों की ऐतिहासिक यात्रा को याद करते हुए वक्ताओं ने कहा कि यह गीत भारत के स्वतंत्रता संग्राम का आत्मा रहा है, जिसने देश को एक सूत्र में बांधने का कार्य किया और अनगिनत स्वतंत्रता सेनानियों को प्रेरित किया।
कार्यक्रम में जनजातीय गौरव दिवस की थीम पर विशेष प्रस्तुति भी दी गई, जिसमें जनजातीय समाज की समृद्ध संस्कृति, परंपरा और देश के विकास में उनके योगदान को सम्मानपूर्वक प्रस्तुत किया गया। जनजातीय नृत्य और लोकगीतों ने समारोह का माहौल उत्साहपूर्ण बना दिया।

इस अवसर पर श्री तरुण हुरिया, मंडल रेल प्रबंधक (डीआरएम), चक्रधरपुर मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि “वंदे मातरम् केवल एक गीत नहीं, बल्कि यह देशभक्ति की अदम्य भावना का प्रतीक है। जनजातीय समाज हमारे देश की संस्कृति की जड़ है और उनके योगदान को सम्मानित करना हम सभी का कर्तव्य है।”
समारोह में मंडल के वरिष्ठ अधिकारी, रेलकर्मी और बड़ी संख्या में नागरिक शामिल हुए। पूरे परिसर में राष्ट्रीय एकता और जनजातीय गौरव की भावना व्याप्त रही। इस अवसर पर स्टेशन परिसर को तिरंगे रंगों और पारंपरिक झंडियों से सजाया गया, जिससे वातावरण में देशभक्ति और सांस्कृतिक एकता की सुंदर झलक दिखाई दी।


