
उदित वाणी, जमशेदपुर: राष्ट्रीय राइफल एसोसिएशन ऑफ इंडिया (NRAI) ने आज जमशेदपुर के होटल अलंकार में **राष्ट्रीय कोचिंग कोर्स** का शुभारंभ किया. यह झारखंड राज्य राइफल संघ (JSRA) के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है, क्योंकि राज्य गठन (2000) के बाद पहली बार यहां इतने बड़े स्तर का राष्ट्रीय कोच कोर्स आयोजित किया जा रहा है.
इस कोर्स में पश्चिम बंगाल, ओडिशा और छत्तीसगढ़ सहित कुल **33 कोच** भाग ले रहे हैं. यह कार्यक्रम NRAI के अनुश्रेयी फैकल्टी द्वारा संचालित किया जा रहा है, जिसमें तकनीकी विशेषज्ञ और अनुभवी प्रशिक्षक शामिल हैं. कोर्स का मुख्य उद्देश्य युवा निशानेबाजों को बेहतर प्रशिक्षण प्रदान करना, उन्हें अंतरराष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं के लिए तैयार करना और देश में शूटिंग खेल को मजबूत आधार देना है.
झारखंड राज्य राइफल संघ के अध्यक्ष **श्री दिवाकर सिंह** ने इस अवसर पर कहा, “झारखंड में 26 वर्ष बाद NRAI कोच कोर्स का आयोजन होना हमारे लिए बहुत बड़ी उपलब्धि है. यह कार्यक्रम राज्य के प्रशिक्षण स्तर को ऊंचा उठाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा.” उन्होंने बताया कि इस कोर्स के माध्यम से राज्य के युवा निशानेबाजों को बेहतर मार्गदर्शन मिलेगा और वे राष्ट्रीय तथा अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बेहतर प्रदर्शन कर सकेंगे.
NRAI के महासचिव **श्री पवनकुमार सिंह** ने उद्घाटन समारोह में कहा, “यह कोर्स शूटिंग खेल के विकास के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है. हमने ऑनलाइन लर्निंग सिस्टम विकसित करने की योजना बनाई है, जिससे प्रशिक्षित कोच स्कूलों में शूटिंग और अन्य खेल गतिविधियों की गुणवत्ता बढ़ा सकें.” उन्होंने जोर दिया कि प्रशिक्षित कोचों की संख्या बढ़ाने से देश में शूटिंग की लोकप्रियता और स्तर में सुधार होगा.
श्री दिवाकर सिंह ने आगे बताया कि 2025 में राष्ट्रीय शूटिंग चैंपियनशिप में देशभर से 19,500 से अधिक खिलाड़ियों ने भाग लिया, जबकि झारखंड से प्रतिभागिता में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है. राज्य में NRAI के साथ 1,150 से अधिक खिलाड़ी पंजीकृत हैं. उन्होंने कहा कि इस कोर्स से प्रशिक्षित कोच राज्य में 350 नए नेटवर्क का निर्माण कर सकते हैं, जो युवा निशानेबाजों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मजबूत प्रतिस्पर्धा के लिए तैयार करेंगे.
इस कार्यक्रम के दौरान **श्री अनिल सिंह** ने बताया कि NRAI ने अब तक देशभर में 900 से अधिक कोच और 500 से अधिक एथलीटों को प्रशिक्षित किया है. झारखंड के लिए यह कोर्स न केवल प्रशिक्षण का माध्यम बनेगा, बल्कि राज्य के युवाओं को खेल के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने का अवसर भी प्रदान करेगा.
यह कोर्स शूटिंग खेल को लोकप्रिय बनाने और झारखंड को निशानेबाजी के मानचित्र पर मजबूती से स्थापित करने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है.
