
उदित वाणी, रांची : चाईबासा सदर अस्पताल में थैलेसीमिया से पीड़ित नाबालिग बच्चों को संक्रमित खून चढ़ाने के मामले में झारखंड हाईकोर्ट ने सख्त रुख अपनाया. हाईकोर्ट के जस्टिस गौतम कुमार चौधरी की अदालत ने बुधवार को सुनवाई करते हुए मामले में दोषियों के खिलाफ तत्काल प्राथमिकी दर्ज करने का निर्देश दिया है.
मामले में अदालत ने दीपक हेम्ब्रम द्वारा दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए चाईबासा सदर थाना प्रभारी को आदेश दिया कि यदि मामले में संज्ञेय अपराध बनता है, तो बिना देरी किए कार्रवाई भी शुरू करें. अदालत ने यह भी आदेश दिया कि दर्ज की गई एफआईआर की एक प्रति शिकायतकर्ताओं को भी उपलब्ध कराई जाय. इसके साथ ही पुलिस को यह निर्देश दिया गया कि एफआईआर की प्रति जबाबी हलफनामा के माध्यम से अदालत में भी पेश किया जाय.
सनद रहे कि बर्ष 2025 में सदर अस्पताल चाईबासा में इलाज के दौरान पांच नाबालिग थैलेसीमिया पीड़ित मरीजों को संक्रमित खून चढ़ाए जाने के बाद एचआईवी पोजिटिव पाये गए हैं. बुधवार को सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता की ओर से अदालत को बताया गया कि उन्होंने प्राथमिकी दर्ज कराने के लिए स्थानीय थाने से संपर्क किया था. लेकिन पुलिस द्वारा अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया और मामला दर्ज नहीं किया गया.
इस पर अदालत ने नाराजगी जताते हुए पुलिस को अपनी जिम्मेदारी निभाने का निर्देश दिया. ज्ञात हो कि इस मामले का खुलासा तब हुआ था. जब थैलेसीमिया से पीड़ित बच्चों के माता-पिता ने नियमित जांच के दौरान अपने बच्चों के स्वास्थ्य में असामान्य गिरावट देखी. जब इन बच्चों की विस्तृत मेडिकल जांच कराई गई, तो रिपोर्ट चौंकाने वाली थी.

