
उदित वाणी, रांची: राज्य में कानून-व्यवस्था को और मजबूत बनाने की दिशा में सरकार बड़ा कदम उठाने जा रही है. मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन शुक्रवार, 13 मार्च को झारखंड विधानसभा परिसर से अत्याधुनिक 12 नए संयुक्त थानों का ऑनलाइन शिलान्यास करेंगे.
इस दौरान राज्य के विभिन्न थानों को बड़ी संख्या में पेट्रोलिंग वाहन और दोपहिया वाहन भी सौंपे जाएंगे, जिससे पुलिस की गश्ती व्यवस्था और अपराध नियंत्रण को और प्रभावी बनाया जा सकेगा.
12 जिलों में बनेंगे अत्याधुनिक संयुक्त थाना परिसर
कार्यक्रम के दौरान 12 जिलों में अत्याधुनिक सुविधाओं से युक्त 12 संयुक्त थानों के निर्माण की भी शुरुआत की जाएगी. इन संयुक्त थाना परिसरों की खासियत यह होगी कि एक ही परिसर में महिला थाना, साइबर थाना, एएचटीयू (एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट) थाना और एससी-एसटी थाना संचालित होंगे.
सरकार के अनुसार इस व्यवस्था से संवेदनशील मामलों की सुनवाई और जांच को अधिक प्रभावी, तेज और सुविधाजनक बनाया जा सकेगा.
पुलिसिंग को आधुनिक बनाने की पहल
सरकार का कहना है कि आधुनिक थाना भवनों और नए वाहनों के माध्यम से राज्य में पुलिसिंग को तकनीकी रूप से मजबूत किया जाएगा. इससे अपराध नियंत्रण, महिला सुरक्षा, साइबर अपराध की जांच और मानव तस्करी जैसे मामलों से निपटने में पुलिस को बेहतर संसाधन मिलेंगे.
पहले चरण में 636 चारपहिया और 849 दोपहिया वाहन मिलेंगे
राज्य सरकार ने झारखंड के सभी थानों की कार्यक्षमता बढ़ाने और सुरक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से 1255 चारपहिया पेट्रोलिंग वाहन और 1697 दोपहिया वाहनों को स्वीकृति दी है.
इनमें से पहले चरण में 636 चारपहिया वाहन और 849 दोपहिया वाहन खरीदे जा चुके हैं, जिन्हें 13 मार्च 2026 को राज्य के विभिन्न थानों को सौंपा जाएगा. सरकार का मानना है कि इन वाहनों के मिलने से पुलिस की त्वरित प्रतिक्रिया क्षमता बढ़ेगी और ग्रामीण-शहरी क्षेत्रों में गश्त और निगरानी बेहतर हो सकेगी.

