
उदित वाणी, रांची : दिल्ली स्थित प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट [पीएमएलए] की अपीलीय ट्रिब्यूनल द्वारा मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के दिल्ली आवास से जब्त की गई लग्जरी 2021 मॉडल की बीएमडब्ल्यू एक्स-7 कार को 6 सप्ताह के अंदर रिलीज करने का आदेश दिया है. ईडी द्वारा उक्त कार को हेमंत सोरेन के दिल्ली स्थित आवास से गत बर्ष 22 मई 2024 को मनीलौंड्रिंग के तहत कथित जमीन घोटाले की जांच के दौरान जब्त किया गया था.
ट्रिब्यूनल के सदस्य वी आनंदराजन की पीठ द्वारा मामले में 25 सितंबर को ही यह फैसला सुनाते हुए कहा कि ऐसी संपत्तियों को जिनका मूल्य समय के साथ तेजी से घटता है. अस्पष्ट आशंकाओं के आधार पर अनिश्चितकाल तक अपने कब्जे में रखना उचित नहीं है. आदेश में कहा गया कि वाहन को छह सप्ताह के भीतर उसके स्वामी को वापस किया जाय. ज्ञात हो कि उक्त लक्जरी कार भगवानदास होल्डिंग्स प्राइवेट लिमिटेड के नाम पर रजिस्टर्ड है. ईडी द्वारा कार को जब्त किये जाने के बाद होल्डिंग्स कंपनी द्वारा दिल्ली के अपीलीय ट्रिब्यूनल में चुनौती दी गई थी.
कंपनी की ओर से मामले में दलील देते हुए कहा गया कि कार को जब्त किये जाने के करीब 21 महीने बीत जाने के बाद भी ईडी द्वारा यह साबित नहीं किया सका कि यह वाहन अपराध की आय से जुड़ा है. इसके अलावा ईडी द्वारा न तो कंपनी और न ही उसके निदेशकों को किसी अभियोजन शिकायत या ईसीआईआर में आरोपी के रूप में नामित किया गया है. वहीं ट्रिब्यूनल ने भी सुनवाई के दौरान पाया कि ईडी कई अवसरों के बावजूद वाहन को अपराध से जोड़ने वाला कोई ठोस सबूत पेश नहीं कर सका है तथा ट्रिब्यूनल ने ईडी के तर्कों को अनुमान पर आधारित बताते हुए खारिज कर दिया और कहा कि जांच एजेंसी वाहन को अपराध की आय बताने में विफल रही है.
हालांकि ट्रिब्यूनल के आदेश में यह भी कहा गया कि कंपनी एक बर्ष तक वाहन को न तो बेच सकेगी और न ही उसका अन्य किसी रूप में निपटान कर सकेगी. वाहन को अच्छे हालत में बनाए रखना भी कंपनी की जिम्मेदारी होगी. ट्रिब्यूनल ने स्पष्ट किया कि यदि भविष्य में ईडी को कोई नया सबूत मिलता है, तो वह उसके आधार पर कार्रवाई करने के लिए स्वतंत्र होगा. वहीं ट्रिब्यूनल द्वारा पूर्व में हेमंत सोरेन के आवास से जब्त अन्य वस्तुएं जिनमें डिजिटल उपकरण भी शामिल थे. याचिकाकर्ता को लौटाने का आदेश दे चुका है.

