
उदित वाणी, रांची : बड़े पैमाने पर फर्जी कंपनियों के माध्यम से इनपुट टैक्स क्रेडिट [आईटीसी] का गलत लाभ उठाने के मामले में गुरूवार को ईडी ने रांची, जमशेदपुर, धनबाद, कोलकाता व मुबई में घोटालेबाजों व हवाला कारोबारियों के कई ठिकानों में एक साथ छापेमारी की. बताया गया कि जीएसटी घोटालेबाजों ने 130 से अधिक फर्जी कंपनियों के माध्यम से 800 करोड़ से अधिक फर्जी जीएसटी बिलिंग के माध्यम से गलत तरीके से करोड़ों रूपये का आईटीसी का भुगतान लिया. बताया गया कि मामले में एक दर्जन से अधिक ठिकानों पर छापेमारी कर ईडी द्वारा कई अहम दस्तावेज जब्त किया है.
यद्यपि मामले में देर रात तक छापेमारी किये जाने के कारण ईडी द्वारा गुरूवार को इसं संबंध में अधिकारिक जानकारी नहीं दी गई. लेकिन बताया गया कि जमशेदपुर में स्क्रैप कारोबारी ज्ञानचंद जायसवाल उर्फ बबलू जायसवाल के छह से अधिक ठिकानों पर छापेमारी की गई. जानकारी के अनुसार बबलू जायसवाल को पहले भी इस मामले में ईडी द्वारा गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है. जमशेदपुर में सर्किट हाउस एरिया, बिष्टुपुर, जुगसलाई आदित्यपुर समेत अन्य स्थानों पर छापेमारी की गई. वहीं रांची के पीपी कंपाउंड स्थित कृष्णा अपार्टमेंट के चौथे तल पर भी रेड डाली गई. पीपी कंपाउंड स्थित कारोबारी क्रीट ठक्कर के आवास व मेन रोड स्थित मखीजा टावर में कामधेनु एजेंसी पर ईडी की ओर से छापेमारी की गई.
ईडी को इस दौरान हवाला और फर्जी कंपनियों के माध्यम से किए गए लेनदेन के कई अहम दस्तावेज हाथ लगे. जमशेदपुर व रांची के अलावा ईडी ने झरिया और धनबाद में भी दबिश दी. रांची से धनबाद पहुंची ईडी की बिशेष टीम ने झरिया थाना क्षेत्र के चार नंबर मेन रोड स्थित जगदंबा फर्नीचर दुकान और धनबाद के आपनो घर सोसाइटी स्थित आवास पर छापेमारी की गई. छापेमारी के दौरान ईडी अधिकारियों ने वित्तीय दस्तावेज, बैंक ट्रांजैक्शन से जुड़े रिकॉर्ड, संपत्ति से संबंधित कागजात और कई इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस जब्त किया है.
यह कार्रवाई व्यवसायी अमित अग्रवाल उर्फ चीनू अग्रवाल के खिलाफ चल रही आर्थिक अनियमितताओं और लगभग 200 करोड़ रुपए की जीएसटी चोरी के गंभीर आरोपों की जांच के तहत की जा रही है. इस जीएसटी घोटाले के तहत ईडी द्वारा पूर्व में चार आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है. इनमें कोलकाता के कारोबारी शिवकुमार देवड़ा, अमित गुप्ता, मोहित देवड़ा और जमशेदपुर के जुगसलाई निवासी विक्की भालोटिया शामिल हैं. ईडी ने इन सभी आरोपियों को रिमांड पर लेकर पहले ही गहन पूछताछ की थी. जांच के दौरान आरोपियों की कागजी कंपनियों से जुड़े 10 बैंक खातों से 60 लाख रुपए जब्त किया गया था आरे फिलहाल चारों आरोपी रांची के होटवार स्थित बिरसा मुंडा केंद्रीय कारा में न्यायिक हिरासत में हैं.
पूर्व में गिरफतार आरोपियों से पूछताछ में यह सामने आया कि फर्जी कंपनियां बनाकर बिना वस्तुओं की वास्तविक खरीद.बिक्री किए कागजी व्यापार दिखाया गया और इनपुट टैक्स क्रेडिट का अनुचित लाभ उठाया गया. वहीं पूछताछ में कई और नामों का खुलासा हुआ है. जो इस रैकेट से जुड़े हुए थे. ईडी की इस कार्रवाई से व्यवसायिक हलकों में हड़कंप मचा दिया है. जीएसटी घोटाला मामले में ईडी की यह दूसरी बड़ी कार्रवाई है. ईडी इस पूरे घोटाले की जड़ तक पहुंचने के लिए हर स्तर पर कार्रवाई कर रही है.
