उदित वाणी, झारखंड: पश्चिमी सिंहभूम जिले के जगन्नाथपुर स्थित नयागांव उड़िया स्कूल में मिड-डे मील खाने के बाद एक बच्चे की मौत हो गई, जबकि 20 से अधिक बच्चे बीमार पड़ गए. घटना के बाद प्रशासनिक लापरवाही को लेकर सवाल उठ रहे हैं. फिलहाल, स्वास्थ्य विभाग की टीम जांच में जुटी है और बीमार बच्चों का इलाज जारी है.
बच्चों की बिगड़ी तबीयत, अस्पताल में भर्ती
पीड़ित बच्चों के परिजनों ने बताया कि मिड-डे मील खाने के कुछ समय बाद ही बच्चों की तबीयत बिगड़ने लगी. एक बच्चे की मौत हो गई, जबकि बाकी को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है. अस्पताल प्रशासन के अनुसार, बीमार बच्चों की हालत में अब सुधार हो रहा है.
जांच के लिए गठित की गई टीमें
घटना की गंभीरता को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग की तीन टीमें क्षेत्र में भेजी गई हैं. पश्चिमी सिंहभूम के सिविल सर्जन डॉ. सुशांतो कुमार मांझी ने बताया कि खाद्य निरीक्षक इस मामले की जांच कर रहे हैं. रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट होगा कि बच्चों की तबीयत खराब होने का असली कारण क्या था.
प्रशासन पर उठे सवाल, निष्पक्ष जांच की मांग
जिला परिषद अध्यक्ष लक्ष्मी सुरीन ने इस घटना को प्रशासनिक लापरवाही बताया और निष्पक्ष जांच की मांग की. उन्होंने कहा कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं न हों.
स्वास्थ्य मंत्री और पूर्व मुख्यमंत्री की प्रतिक्रिया
स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर बताया कि बीमार बच्चों के इलाज की समुचित व्यवस्था की जा रही है. वहीं, पूर्व मुख्यमंत्री चंपाई सोरेन ने घटना पर दुख व्यक्त करते हुए सरकार को सभी मोर्चों पर विफल बताया और दोषियों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की मांग की.
यह घटना एक बार फिर सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन और निगरानी व्यवस्था पर सवाल खड़े कर रही है. अब देखना होगा कि प्रशासन दोषियों पर क्या कार्रवाई करता है और ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए क्या कदम उठाए जाते हैं.
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