
उदित वाणी, रांची : दिल्ली के अपोलो अस्पताल में भर्ती झारखंड के शिक्षामंत्री रामदास सोरेन की हालत अभी भी गंभीर बनी हुई है. डॉक्टरों के अनुसार उन्हें अब तक होश नहीं आया है और लगातार लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर हैं और श्वसन प्रक्रिया में गतिरोध होने की वजह से उनका आपरेशन नहीं हो पा रहा है. बताया गया कि ब्रेन स्ट्रोक के बाद से ही उनके मस्तिष्क ने काम करना बंद कर दिया है. बिशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम द्वारा लगातार उनकी निगरानी की जा रही है.
सोमवार को ही शिक्षामंत्री रामदास सोरेन का एप्निया टेस्ट सांस लेने में अवरोध उत्पन्न होना किया जाना था. लेकिन तकनीकी कारणों से यह टेस्ट मंगलवार तक के लिए टाल दिया गया था. लेकिन मंगलवार को भी यह टेस्ट नहीं हो पाया. ज्ञात हो कि एप्निया टेस्ट के जरिए डॉक्टरों द्वारा यह पता लगाया जाएगा कि उनका मस्तिष्क किस हद तक सक्रिय है. बिशेषज्ञ डॉक्टर इस टेस्ट के माध्यम से यह भी पता करने की कोशिश करेंगे कि लाइफ सपोर्ट सिस्टम के बिना उनका शरीर कितनी प्रतिक्रिया दे सकता है. इस टेस्ट में मरीज की सांस कुछ समय के लिए रोकी जाती है और यह देखा जाता है कि बढ़े हुए कार्बन डाईऑक्साइड के स्तर पर मस्तिष्क कैसे प्रतिक्रिया करता है.
रामदास सोरेन की हालत में फिलहाल कोई खास सुधार नहीं हुआ है. लेकिन स्थिति स्थिर है. कोल्हान के वरिष्ठ झामुमो नेता और झारखंड के परिवहन मंत्री दीपक बिरुवा ने बुधवार को अस्पताल का दौरा किया और बिशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम से बातचीत की. उन्होंने शिक्षा मंत्री के स्वास्थ्य की जानकारी ली. ज्ञात हो कि शिक्षामंत्री रामदास सोरेन 2 अगस्त को अपने बाथरूम में गिर गए थे और उनके सिंर पर गंभीर चोट लगने की वजह से ब्लड क्लोटिंग हुई. जिसके बाद उनका ब्रेन स्ट्रोक हुआ है. दिल्ली के इंद्रप्रस्थ अपोलो अस्पताल में उनका इलाज चल रहा है.
