
उदित वाणी, रांची : केंद्रीय विश्वविद्यालय झारखंड [सीयूजे] के तीन प्रोफेसरों डा भास्कर सिंह, डा सचिन कुमार और डा अर्णब शंकर भट्टाचार्य ने बड़ी उपलब्धि अर्जित की है. तीनों प्राध्यापकों को विभिन्न बिषयों में विश्व के शीर्ष 2 फीसदी वैज्ञानिकों में शामिल किया गया है. स्टैनफोर्ड विश्वविद्यालयों के शोधकर्ताओं द्वारा यह रिपोर्ट तैयार कर सूची जारी किया गया है. 19 सितंबर को एल्सेवियर द्वारा प्रकाशित सूची के अनुसार डा भास्कर सिंह लगातार पांचवें बर्ष ऊर्जा और बायोटेक्नोलॉजी के क्षेत्र में, डा सचिन कुमार लगातार तीसरे बर्ष ऊर्जा और पर्यावरण के क्षेत्र में और डा अर्णब शंकर भट्टाचार्य ने पहली बार एप्लाइड फिजिक्स और मटेरियल साइंस क्षेत्र में इस सूची में स्थान बनाया है. डा भास्कर सिंह बायोडीजल विकास के विभिन्न पहलुओं के क्षेत्र में काम करते हैं और अन्य समकालीन पर्यावरणीय मुद्दों को संबोधित करते हैं. स्कोपस डेटा के अनुसार डा भास्कर सिंह के 110 रिसर्च पेपर प्रकाशित हुआ है. जिनमें 6535 उद्धरण [साइटेशन] हैं और उनके लेखों का वर्तमान एच-इंडेक्स-39 है. वहीं डा सचिन कुमार अपशिष्ट मूल्य निर्धारण के क्षेत्र में काम करते हैं और ऊर्जा से संबंधित अन्य मुद्दों की खोज करते हैं. स्कोपस डेटा के अनुसार डा सचिन कुमार के 61 अनुसंधान प्रकाशित किया गया है. जिनमें 2320 उद्धरण [साइटेशन] हैं और उनके लेखों का वर्तमान एच-इंडेक्स-22 है. जबकि डा अर्णब शंकर भट्टाचार्य नैनोस्ट्रक्चर्ड थिन फिल्म्स, कोटिंग्स, नैनोइंडेंटेशन अध्ययन, सरफेस इंजीनियरिंग, कम्प्यूटेशनल मॉडलिंग और ऊर्जा बायोमेडिकल सामग्रियों के क्षेत्र में कार्यरत हैं. स्कोपस के आंकड़ों के अनुसार डा अर्णब शंकर भट्टाचार्य के 67 अनुसंधान प्रकाशित हुए हैं. जिनमें 700 उद्धरण [साइटेशन] हैं और उनके लेखों का वर्तमान एच-इंडेक्स-16 है.
