
उदित वाणी, न्यूज़ डेस्क: होली से ठीक एक दिन पहले फाल्गुन माह की पूर्णिमा तिथि (3 मार्च) पर होलिका दहन के दिन साल का पहला चंद्र ग्रहण लगने वाला है. ऐसे में ये जानना बेहद जरूरी हो जाता है कि ग्रहण की सूतक अवधि कब से कब तक रहेगी और इस दौरान किन जरूरी सावधानियों को बरतना जरूरी है.
चंद्र ग्रहण की शुरुआत मंगलवार दोपहर 3 बजकर 20 मिनट से होगी और 6 बजकर 46 मिनट पर समाप्त होगी. ग्रहण का प्रभाव पूरे 3 घंटे और 27 मिनट तक रहेगा.
भारत में चंद्रमा शाम करीब 6:26-6:32 बजे उदय होगा और तब से ग्रहण दिखाई देगा और शाम 6:46-6:47 बजे तक खत्म हो जाएगा. यानी भारत में ग्रहण सिर्फ 14-20 मिनट तक ही नजर आएगा.
इस दौरान कुछ विशेष बातों का ध्यान रखना बहुत जरूरी है.
- चंद्र ग्रहण का प्रारंभ: दोपहर में 3.20 बजे
- चंद्र ग्रहण का समापन: शाम 6:46 बजे
- चंद्र ग्रहण पर चंद्रोदय का समय: शाम करीब 6:26 बजे से 6:32 बजे के बीच
- चंद्र ग्रहण दिखने की कुल अवधि: भारत में 14-20 मिनट तक
दिखेगा ब्लड मून का अद्भुत नजारा
3 मार्च का चंद्र ग्रहण के दौरान चंद्रमा लाल रंग में नजर आएगा. इस खूबसूरत घटना को ब्लड मून कहा जाता है.
ब्लड मून की वजह से उस रात आसमान नीले और गाढ़े लाल रंग का दिखाई देगा. यह अपने आप में एक दुर्लभ घटना होने वाली है.
चंद्रग्रहण एक अत्यंत महत्वपूर्ण खगोलीय परिघटना है. चंद्रमा पृथ्वी की परिक्रमा करता है, जबकि पृथ्वी सूर्य के चारों ओर भ्रमण करती है. जब सूर्य और चंद्रमा के बीच पृथ्वी आ जाती है, तब चंद्रग्रहण की स्थिति बनती है. इस दौरान सूर्य का प्रकाश सीधे चंद्रमा तक नहीं पहुंच पाता और पृथ्वी की छाया चंद्रमा पर पड़ जाती है. इसी छाया-प्रभाव को चंद्रग्रहण कहा जाता है.
तीन प्रकार के चंद्रग्रहण :
- पूर्ण चंद्रग्रहण
- आंशिक चंद्रग्रहण
- उपच्छाया चंद्रग्रहण
ब्लड मून केवल पूर्ण चंद्रग्रहण के समय दिखाई देने वाली खगोलीय घटना है. इस स्थिति में सूर्य, पृथ्वी और चंद्रमा लगभग एक सीध में स्थित होते हैं. पृथ्वी के वायुमंडल से होकर छनने वाली सूर्य की किरणें चंद्रमा तक पहुंचती हैं, जिसके कारण चंद्रमा लालिमा लिए हुए दिखाई देता है. यही दृश्य ब्लड मून कहलाता है.

