
उदित वाणी कोलकाता: पश्चिम बंगाल के पुरुलिया जिले में स्थित बाराभूम रेलवे स्टेशन को अमृत भारत योजना के अंतर्गत पुनर्विकसित किया गया है। रेलवे यात्रियों और स्थानीय लोगों का कहना है कि बाराभूम रेलवे स्टेशन पहले से कहीं अधिक सुंदर और सुसज्जित है। स्टेशन की दीवारों पर बने चित्र स्थानीय स्वतंत्रता सेनानियों और स्थानीय संस्कृति को दर्शाते हैं। इसके साथ ही स्टेशन पहले से कहीं अधिक साफ-सुथरा हो गया है।
बता दें कि आदिवासी संस्कृति और विरासत के लिए विख्यात बाराभूम रेलवे स्टेशन दक्षिण पूर्व रेलवे जोन के आद्रा मंडल स्थित पुरुलिया जिले में आसनसोल-टाटानगर-खड़गपुर मुख्य लाइन पर है। अमृत भारत योजना के तहत रेलवे बाराभूम स्टेशन के विकास में 7.35 करोड़ रुपए का बजट केंद्र सरकार ने पास किया था, जिसके तहत रेलवे स्टेशन पर 12 मीटर चौड़ा फुट ओवर ब्रिज (एफओबी), लिफ्ट, अत्याधुनिक प्रतीक्षालय, बेहतर शेड, हाई-लेवल प्लेटफॉर्म और नई लाइटें लगाई गई हैं। इसके साथ ही स्टेशन के बाहरी हिस्से का नया रंग-रूप देते हुए बागवानी और साफ-सुथरे शौचालय बनाए गए हैं। इसके साथ ट्रेन कोच पोजिशन डिस्प्ले बोर्ड और बेहतर बैठने की व्यवस्था की गई है। बाराभूम झारखंड, पश्चिम बंगाल और ओडिशा को जोड़ने वाले स्टेशनों का धार्मिक महत्व है।
स्थानीय निवासी देवानंद ने समाचार एजेंसी आईएएनएस से बातचीत करते हुए कहा, “बाराभूम रेलवे स्टेशन बहुत अच्छा हो गया है। स्टेशन मास्टर बहुत अच्छे हैं। दिसंबर से लेकर होली तक इस स्टेशन से यात्रियों का आवागमन अधिक रहता है।” यात्री राम प्रकाश शुक्ला ने कहा, “बाराभूम रेलवे स्टेशन की हालत पहले बहुत खराब थी, जगह-जगह कचरे और गंदगी फैली रहती थी। अब स्टेशन साफ-सुथरा और अच्छा लग रहा है। यहां दूर-दूर से यात्री आते हैं।”
स्थानीय युवक सिद्धार्थ नंदी ने कहा, “अब स्टेशन का रंग-रूप बदल गया है। यहां आकर अच्छा लगता है। इस स्टेशन पर पहले बहुत अव्यवस्था थी। अमृत भारत योजना के तहत कायाकल्प होने से स्थिति काफी सुधर गई है। आने वाले दिनों में जब स्टेशन का पूरा निर्माण हो जाएगा तो यात्रियों को सुखद अनुभव मिलेगा।
–आईएएनएस
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