उदित वाणी, आदित्यपुर: नीति आयोग की दो सदस्यीय टीम ने आज अपने आकांक्षी प्रखंड गम्हरिया के भ्रमण के दूसरे दिन आदित्यपुर स्थित ऑटो क्लस्टर का दौरा किया. टीम के सदस्यों ने इस क्लस्टर की कार्य प्रणाली और उद्देश्यों को गहराई से जाना. इस दौरान जिला उपायुक्त रविशंकर शुक्ला ने बताया कि यह संस्थान युवाओं को तकनीकी प्रशिक्षण के साथ रोजगार के अवसर प्रदान करता है. हाल ही में जिला प्रशासन ने अल कबीर पॉलिटेक्निक कॉलेज के साथ एक एमओयू (मेमोरंडम ऑफ अंडरस्टैंडिंग) किया है, ताकि वहां प्रशिक्षित छात्रों को ऑटो क्लस्टर के माध्यम से रोजगार के अवसर मिल सकें.
उद्देश्य और प्रयास
रविशंकर शुक्ला ने यह भी बताया कि जिला प्रशासन शिक्षा प्राप्त कर रहे छात्रों को रोजगार से जोड़ने के लिए निरंतर प्रयासरत है. उच्च और तकनीकी संस्थानों के साथ करार किया जा रहा है ताकि शिक्षा प्राप्त करने के बाद युवा बेरोजगार न रहें. नीति आयोग की टीम ने इस पहल को सराहा और इसे बेरोजगारी को समाप्त करने के संदर्भ में जिला प्रशासन का एक बेहतरीन कदम बताया.
ऑटो क्लस्टर में प्रमुख उपस्थित लोग
ऑटो क्लस्टर के दौरे के दौरान युवा कार्य मामलों के निदेशक ईवीकेकेजीएचएडीवीएआरटी डाटा भारती, उप सचिव ललित कुमार सिंह, उप विकास आयुक्त आशीष अग्रवाल, अपर उपायुक्त जयवर्द्धन कुमार, ऑटो क्लस्टर के प्रबंध निदेशक एस.एन. ठाकुर, एसिया के अध्यक्ष इंदर कुमार अग्रवाल, पूर्व अध्यक्ष संतोष खेतान, उपाध्यक्ष संतोख सिंह, महासचिव प्रवीण गुटगुटिया, अशोक गुप्ता, पिंकेश महेश्वरी आदि प्रमुख रूप से उपस्थित थे.
गजिया बराज में भूमिगत पाइपलाइन परियोजना का दौरा
नीति आयोग की टीम ने गजिया बराज में डैम द्वारा भूमिगत पाइपलाइन के माध्यम से किसानों को सिंचाई सुविधा प्रदान करने की व्यवस्था का भी निरीक्षण किया. टीम ने लाभुक किसानों से संवाद स्थापित किया और उनकी समस्याओं एवं अनुभवों को सुना. शपुर पंचायत के विभिन्न गांवों के किसानों ने बताया कि भूमिगत पाइपलाइन के माध्यम से सिंचाई व्यवस्था मिलने से अब वे सभी मौसमों में खेती कर पा रहे हैं.
किसानों के अनुभव
पहले केवल बारिश या सर्दी के मौसम में ही खेती संभव थी, लेकिन अब पाइपलाइन के माध्यम से सिंचाई की व्यवस्था से किसानों को हर मौसम में (12 महीने) खेती करने का अवसर मिल रहा है. किसानों ने बताया कि पहले उन्हें रोजगार के लिए दूसरे जिलों या राज्यों में पलायन करना पड़ता था, लेकिन अब वे अपने ही खेतों में उपजाऊ खेती कर परिवार का पालन-पोषण कर रहे हैं.
सरकार की योजनाओं से लाभ
इस दौरान अतिथियों ने किसानों को नई तकनीक अपनाने और सरकारी योजनाओं का लाभ उठाने की सलाह दी. साथ ही, उन्होंने अन्य इच्छुक किसानों को भी खेती करने के लिए प्रेरित किया. उन्होंने यह भी बताया कि इस प्रकार के कृषि कार्यक्रम न केवल स्थानीय उत्पादन को बढ़ावा देते हैं, बल्कि रोजगार के नए अवसर भी उत्पन्न करते हैं.
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