
उदित वाणी, आदित्यपुर : आदित्यपुर नगर निगम के सबसे चर्चित माने जा रहे वार्ड 17 में मतदान के शुरुआती चरण में अव्यवस्था और सूची संबंधी गड़बड़ियों के कारण मतदाताओं को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा. स्थानीय स्तर पर सामने आई इन खामियों ने न केवल मतदान प्रक्रिया की सुचारुता पर सवाल खड़े किए, बल्कि मतदान प्रतिशत प्रभावित होने की आशंका भी बढ़ा दी है.
वोटर लिस्ट को लेकर भ्रम की स्थिति
प्रत्याशियों को उपलब्ध कराई गई मतदाता सूची, बूथ के अंदर रखी “ब्लू बुक” और पीठासीन पदाधिकारी के पास मौजूद सूची में भिन्नता पाए जाने से मतदाता असमंजस में दिखे. कई मतदाता लोकसभा और विधानसभा चुनाव के आधार पर मिली पर्ची लेकर मतदान केंद्र पहुंचे, लेकिन बूथ संख्या और क्रमांक संख्या अलग मिलने पर उन्हें वापस लौटना पड़ा. स्थिति उस समय और गंभीर हो गई जब स्थानीय बीएलओ भी स्पष्ट जानकारी देने में असमर्थ दिखे.
बीएलओ की तैनाती पर विवाद
मामला तब उजागर हुआ जब आदित्यपुर नगर निगम का संविदा कर्मी और बूथ संख्या 124 का बीएलओ सत्यम भारद्वाज, जो इसी वार्ड का निवासी है, की ड्यूटी वहीं लगा दी गई. सूचना मिलते ही प्रशासन हरकत में आया और आनन-फानन में सत्यम भारद्वाज को हटा दिया गया. सत्यम ने मतदाताओं को गुमराह करने के आरोपों से इंकार किया, लेकिन मतदाताओं की शिकायत के बाद कार्रवाई की गई. अब यह सवाल उठ रहा है कि इतनी बड़ी प्रशासनिक चूक कैसे हुई.
नए मतदाताओं को लेकर शिकायत
सूची में गड़बड़ी के बीच एक और गंभीर आरोप सामने आया कि वर्ष 2024 के बाद जिन नए मतदाताओं के नाम जोड़े गए, उन्हें मताधिकार के प्रयोग से रोका जा रहा है. इस कारण युवा और नए पंजीकृत मतदाता निराश होकर लौटते देखे गए.
स्थिति सामान्य, पुलिस सख्त
सत्यम भारद्वाज के हटाए जाने के बाद बीएलओ सुपरवाइजर की प्रतिनियुक्ति की गई, जिससे मतदान प्रक्रिया पटरी पर लौटी. पुलिस प्रशासन ने भी केंद्र के आसपास निगरानी और सख्ती बढ़ा दी है. प्रशासन का कहना है कि प्रक्रिया निष्पक्ष और शांतिपूर्ण ढंग से पूरी कराई जाएगी. वहीं मतदाता सूची संबंधी गड़बड़ियों की जांच और दोषियों पर कार्रवाई की मांग कर रहे हैं. निर्वाचन प्रक्रिया की पारदर्शिता बनाए रखने के लिए भारत निर्वाचन आयोग और आदित्यपुर नगर निगम की भूमिका पर भी नजरें टिकी हैं.

