
उदित वाणी, आदित्यपुर : आत्मनिर्भर भारत अभियान को मजबूती देने और स्थानीय उद्योगों को रक्षा उत्पादन से जोड़ने के उद्देश्य से आदित्यपुर ऑटो कलस्टर में एमएसएमई डिफेंस कॉन्क्लेव-2026 आज से शुरु हुआ, जिसका समापन शनिवार को होगा. इससे पूर्व कॉन्क्लेव का उद्घाटन केन्द्रीय रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ ने फीता काटकर किया.
उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए केन्द्रीय रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ ने कहा कि आदित्यपुर औद्योगिक क्षेत्र में भारत देश का ‘इंडस्ट्रियल कैपिटल’ बनने की पूरी क्षमता है. उन्होंने जोर देकर कहा कि जमशेदपुर अब केवल टाटा मोटर्स या ऑटोमोबाइल हब तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इसे रक्षा उपकरणों का मैन्युफैक्चरिंग हब बनाना हमारा लक्ष्य है. उन्होंने बताया कि वर्तमान समय में भारत दुनिया के 92 से अधिक देशों को रक्षा उपकरण का निर्यात कर रहा है और विगत 8 वर्षों में स्टार्टअप्स की संख्या 800 से बढ़कर 2.9 लाख हो गई है, जिसमें भारत दुनिया में तीसरे स्थान पर है.

उन्होंने कहा कि इस वित्त वर्ष में रक्षा बजट 2 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच चुका है, जिसका सीधा लाभ स्थानीय उद्योगों को मिल सकता है. उन्होंने कहा कि झारखंड संसाधनों से संपन्न राज्य है, ऐसे में यहां डिफेंस कॉरिडोर क्यों नहीं बन सकता. जो सुविधाएं उपलब्ध हैं, उन्हें और आगे बढ़ाने की जरूरत है. रांची में आहूत एस्टेक कार्यक्रम और डिफेंस कॉन्क्लेव के सफल आयोजन का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि कार्यक्रम में लगभग 200 स्टॉल लगाए गए, जो राज्य की औद्योगिक क्षमता को दर्शाता है.
उन्होंने कहा कि डिफेंस कॉन्क्लेव में मुख्यमंत्री को भी आमंत्रण दिया गया था. उन्होंने स्पष्ट किया कि यह कोई राजनीतिक संकेत नहीं है, लेकिन जहां-जहां डिफेंस कॉरिडोर बने हैं, वहां राज्य सरकार की इच्छाशक्ति अहम रही है. अगर राज्य सरकार केन्द्र के साथ कदम से कदम मिलाकर चले, तो झारखंड में भी डिफेंस कॉरिडोर का सपना साकार हो सकता है.
दुनिया के 92 देशों को रक्षा उपकरणों की आपूर्ति कर रहा है भारत: संजय सेठ
केंद्रीय रक्षा राज्य मंत्री ने कहा कि आज़ादी के बाद लंबे समय तक भारत रक्षा उपकरणों के लिए आयात पर निर्भर रहा था. एक समय ऐसा भी कहा जाता था कि देश के पास केवल दो दिन का गोला-बारूद शेष है. लेकिन आज हालात पूरी तरह बदल चुके हैं. उन्होंने बताया कि आज भारत दुनिया के 92 देशों को रक्षा उपकरणों की आपूर्ति कर रहा है. रक्षा उत्पादन के लिए तीन लाख करोड़ रुपये का लक्ष्य तय किया गया है, जबकि इस वर्ष का रक्षा बजट दो लाख करोड़ रुपये है.
स्टार्टअप के मामले में दुनिया का तीसरा बड़ा देश बना भारत: रक्षा राज्य मंत्री
केन्द्रीय रक्षा राज्य मंत्री ने कहा कि भारत युवाओं का देश है और दुनिया भारत की ओर उम्मीद भरी नजरों से देख रही है. वर्ष_2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य को पूरा करना है, तब-तक देश में लगभग 70 करोड़ युवा आबादी होगी. उन्होंने बताया कि वर्तमान समय में देश में 2.9 लाख से अधिक स्टार्टअप हो चुके हैं और स्टार्टअप के मामले में भारत दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा देश बन गया है. उन्होंने कहा कि देश में करीब 4 करोड़ एमएसएमई हैं, जो 14 करोड़ लोगों को रोजगार दे रहे हैं. परन्तु इनमें से केवल 16 हजार एमएसएमई ही सीधे डिफेंस सेक्टर से जुड़े हैं. इसे बढ़ाने की आवश्यकता है.
आदित्यपुर को डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग हब बनाने की अपील
केंद्रीय मंत्री ने भारत चेंबर ऑफ कॉमर्स को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि एमएसएमई सेक्टर को डिफेंस से जोड़ने के लिए तेजी से काम किया जाए. उन्होंने आदित्यपुर को डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग हब के रूप में विकसित करने की भी अपील की. उन्होंने बताया कि चेन्नई के एक पति-पत्नी का उदाहरण देते हुए बताया कि उनके द्वारा 77 एकड़ भूमि में ड्रोन फैक्ट्री स्थापित की गई है, जिससे भारत एग्रीकल्चर सेक्टर में ड्रोन निर्माण का बड़ा केंद्र बन चुका है. उन्होंने एमएसएमई सेक्टर के विकास को लेकर राज्य मुख्यमंत्री से मुलाकात करने की बात भी कही. उन्होंने बताया कि मार्च महीने में एक प्रतिनिधिमंडल दिल्ली जाएगा. और उनका प्रयास रहेगा कि प्रतिनिधिमंडल की डिफेंस सेक्रेटरी के साथ बैठक कराई जाए.
कैरव गांधी के अपहरण की घटना से रक्षा राज्य मंत्री चिंतित, त्वरित कार्रवाई करें सीएम
कार्यक्रम के दौरान रक्षा राज्य मंत्री ने आदित्यपुर के उद्यमी देवांग गांधी के पुत्र कैरव गांधी के अपहरण की घटना पर भी गहरी चिंता जताया तथा राज्य के मुख्यमंत्री से मांग मामले में त्वरित कार्रवाई कर कैरव गांधी को जल्द से जल्द सुरक्षित बरामदगी सुनिश्चित कराने की मांग भी की. उन्होंने कहा कि भारतीय नौसेना, वायुसेना और थलसेना में स्वदेशीकरण की दिशा में तेज प्रयास चल रहे हैं. देश के वैज्ञानिक, इंजीनियर और उद्यमी दिन-रात मेहनत कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि आज भारत दुनिया का सबसे बड़ा डिजिटल पेमेंट देश बन चुका है और करीब 50 लाख करोड़ रुपये का डिजिटल ट्रांजैक्शन हो रहा है, जो देश की आर्थिक मजबूती को दर्शाता है.
आत्मनिर्भर भारत के सपने को साकार करने वाला है डिफेंस कॉन्क्लेव: इंदर अग्रवाल आदित्यपुर स्मॉल इंडस्ट्रीज़ एसोसिएशन (एशिया) के अध्यक्ष इंदर कुमार अग्रवाल ने बताया कि एमएसएमई कॉन्क्लेव में मां भारती के सपूतों की उपस्थिति के कारण उपस्थित लोगों में नव ऊर्जा का संचार हुआ है. डिफेंस कॉन्क्लेव आत्मनिर्भर भारत के सपने को साकार करने वाला है और आदित्यपुर औद्योगिक क्षेत्र की इकाइयां देश की धड़कन भी बनेगी. अगर आपका साथ मिला, तो आदित्यपुर औद्योगिक क्षेत्र ऑटोमोबाइल क्षेत्र के रुप में ही नहीं, बल्कि यह क्षेत्र देश के प्रमुख डिफेंस हब के रुप में भी जाना जाएगा. सिंहभूम चौंबर ऑफ कॉमर्स के अध्यक्ष मानव केडिया ने इस अवसर पर आदित्यपुर-जमशेदपुर क्षेत्र में एक समर्पित ‘डिफेंस केंद्र’ की स्थापना की मांग रखी.
वहीं, जियाडा के क्षेत्रीय निदेशक प्रेम रंजन ने बताया कि लगभग 5000 एकड़ में फैले इस औद्योगिक क्षेत्र की 1500 इकाइयां और 50 हजार से अधिक श्रमिक देश की रक्षा आपूर्ति श्रृंखला में मील का पत्थर साबित हो सकते हैं. एमएसएमई डिफेंस कॉन्क्लेव में लगे हैं 62 से अधिक स्टॉल कॉन्क्लेव में डीआरडीओ, हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स (भ्।स्), और महिंद्रा डिफेंस जैसी बड़ी इकाइयों के साथ-साथ 62 से अधिक स्टॉल लगाए गए हैं. यहां प्रदर्शनी के साथ-साथ सेमिनार, बी2बी मीटिंग्स और पैनल चर्चाओं के जरिए उद्यमियों को रेलवे और ऑटोमोबाइल सेक्टर से रक्षा क्षेत्र में स्विच करने के गुर सिखाए जा रहे हैं.
इस अवसर पर पूर्व एयर चीफ मार्शल अरूप राहा, भारत चेम्बर ऑफ कॉमर्स के अध्यक्ष नरेश पचीसिया, सिंहभूम चेम्बर ऑफ कॉमर्स के अध्यक्ष मानव केडिया, डिफेंस के प्रोडक्शन डिप्टी डायरेक्टर जेनरल सुशील कुमार सतपुते, लघु उधोग भारती के ज़िलाध्यक्ष बिनोद शर्मा, एसिया महासचिव प्रवीण गुटगुटिया, उपाध्यक्ष राजीव रंजन मुन्ना व संतोख सिंह, ओमप्रकाश चोपड़ा, आदित्यपुर नगर निगम के पूर्व उप महापौर अमित सिंह, एशिया के पूर्व अध्यक्ष संतोष खेतान, पूर्व महासचिव दशरथ उपाध्याय व पूर्व कोषाध्यक्ष चतुर्भुज केडिया, दीपक पंचामिया, रतन लाल अग्रवाल, संतोष अग्रवाल, श्रद्धा अग्रवाल, संतोख सिंह, पिंकेश माहेश्वरी, दीपक दोकानिया, दिव्यांशु सिन्हा, मनोज चोपड़ा, सुधीर सिंह, उदय सिंह, संजय शर्मा, नीरु सिंह, अभिषेक अग्रवाल, मनोज गुटगुटिया, मनोज सहाय, विनोद शर्मा, हरजीत सिंह, लक्ष्मण प्रसाद राय, रविन्द्र गुप्ता, सीए अनिल अग्रवाल, विनोद अग्रवाल, शिवम सिंह आदि उपस्थित थे. धन्यवाद ज्ञापन भारत चैम्बर ऑफ कॉमर्स की महासचिव केका शर्मा ने किया.

