
उदित वाणी, आदित्यपुर : नगर निगम क्षेत्र के वार्ड संख्या 2 अंतर्गत टाटा-कांड्रा मुख्य मार्ग स्थित इंडस्ट्रियल एरिया में शहरी कचरे के ढेर में लगी आग अब गंभीर जनस्वास्थ्य संकट का रूप ले चुकी है. पिछले करीब एक पखवाड़े से जल रही इस आग पर अब तक काबू नहीं पाया जा सका है, जिससे पूरे इलाके में जहरीला धुआं फैल रहा है.
कचरे के ढेर से उठ रहा जहरीला धुआं
बताया जा रहा है कि यह जमीन सिटी सेंटर निर्माण के लिए चिन्हित निजी भूखंड है, जहां नगर निगम द्वारा शहरी कचरा डंप किया जा रहा है. आग लगने के बाद कचरे से उठ रहा जहरीला धुआं आसपास के रिहायशी इलाकों और औद्योगिक इकाइयों तक पहुंच रहा है.
लोगों को खुले में सांस लेने में कठिनाई हो रही है. कई लोग आंखों में जलन, सांस लेने में परेशानी और सिरदर्द जैसी शिकायतें कर रहे हैं. क्षेत्र की फैक्ट्रियों के कामगार भी धुएं से परेशान होकर काम छोड़ने को मजबूर हो रहे हैं, जिससे औद्योगिक गतिविधियां भी प्रभावित होने लगी हैं.
नगर निगम और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड पर सवाल
स्थानीय लोगों का आरोप है कि कई दिनों से आग धधक रही है, लेकिन आदित्यपुर नगर निगम की ओर से प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई. इस मामले में झारखंड स्टेट पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड की भूमिका भी सवालों के घेरे में है.
लगातार फैल रहे प्रदूषण के बावजूद अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है. विशेषज्ञों के अनुसार लंबे समय तक कचरे के धुएं के संपर्क में रहने से दमा, फेफड़ों के संक्रमण और अन्य गंभीर बीमारियों का खतरा बढ़ सकता है.
डंपिंग को लेकर भी उठे सवाल
स्थानीय लोगों के अनुसार जिस जमीन पर कचरा डंप किया जा रहा है, उसका ठेका नवनिर्वाचित मेयर संजय सरदार की कंपनी को मिला है, जो शहर से कचरा उठाने का काम करती है. संजय सरदार चुनाव जीतने से पहले नगर निगम की ठेकेदारी करते थे.
नगर निगम के पास अधिकृत डंपिंग स्थल नहीं होने के कारण आयडा की जमीन पर रिहायशी क्षेत्र के बीच कचरा डंप कराया जा रहा था, जिससे स्थिति और गंभीर हो गई.
आयडा ने जमीन पर लगाया ताला
आयडा ने उक्त जमीन पर ताला लगाकर कचरा डंप करने से रोक लगा दी है. इसके बावजूद पिछले पंद्रह दिनों से लगी आग और भड़क चुकी है और जहरीला धुआं पूरे इलाके में फैल रहा है.
स्थानीय लोगों ने प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप कर आग बुझाने, कचरा डंपिंग बंद करने और जिम्मेदार विभागों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है. उनका कहना है कि यदि जल्द ठोस कदम नहीं उठाए गए तो यह समस्या बड़े पर्यावरणीय और स्वास्थ्य संकट में बदल सकती है.
नगर निगम और आयडा के बीच जिम्मेदारी को लेकर सवाल
नगर निगम का कहना है कि वर्तमान में जो आग लगी है वह इंडस्ट्रियल वेस्ट के कारण लगी है. इंडस्ट्रियल वेस्ट में आग किसी ने जानबूझकर लगाई है. फिलहाल आग बुझाने का प्रयास किया जा रहा है.
नगर निगम के अनुसार उक्त जमीन में इंडस्ट्रियल वेस्ट का डंपिंग किसके निर्देश पर किया जा रहा था, इसकी जानकारी उन्हें नहीं है और इसके लिए जियाडा की जिम्मेदारी तय होनी चाहिए.
शिकायत पर अधिकारियों के बीच तीखी बातचीत
इधर शिकायत लेकर ओमीनी ऑटो प्रालि. के अधिकारी विकास मुखर्जी नगर निगम पहुंचे. इस दौरान नगर निगम के प्रशासक रवि प्रकाश ने उन्हें कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि नगर निगम अपने स्तर से प्रयास कर रहा है, लेकिन इस मामले में आयडा से भी सहयोग लिया जाना चाहिए.
उन्होंने कहा कि इंडस्ट्रियल कचरा उक्त भूखंड में कैसे डंप किया जा रहा था और आग कैसे लगी, यह जांच का विषय है. फिलहाल नगर निगम और आयडा आग पर काबू पाने के प्रयास में जुटे हुए हैं.

