
उदित वाणी, आदित्यपुर: आदित्यपुर नगर निगम के डिप्टी मेयर चुनाव में सोमवार को वह सब कुछ देखने को मिला, जो एक रोमांचक राजनीतिक थ्रिलर में होता है. भारी सुरक्षा व्यवस्था, कयासों का बाजार और फिर अंत में महज एक वोट का वो फासला, जिसने पूरी बाजी पलट दी. पूर्व विधायक अरविंद सिंह उर्फ मलखान सिंह के भतीजे अंकुर सिंह ने अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी अर्चना सिंह को एक वोट के मामूली अंतर से हराकर डिप्टी मेयर के पद पर अपना परचम लहराया.
शक्ति प्रदर्शन और कांटे का मुकाबला
इस चुनाव को लेकर शहर में पिछले कई दिनों से गहमागहमी बनी हुई थी. एक तरफ इचागढ़ के दिग्गज नेता मलखान सिंह की विरासत को संभालने वाले अंकुर सिंह थे, तो दूसरी तरफ आदित्यपुर की जानी-मानी हस्ती मनमोहन सिंह की पत्नी अर्चना सिंह. चुनावी रण में दोनों ही पक्ष काफी मजबूत नजर आ रहे थे, लेकिन सोमवार को हुई वोटिंग ने साबित कर दिया कि लोकतंत्र में एक-एक वोट की कीमत क्या होती है.
सुरक्षा के कड़े इंतजाम और चर्चाओं का दौर
सोमवार को मतदान केंद्र के बाहर भारी सुरक्षा बल तैनात रहा. चुनाव की संवेदनशीलता को देखते हुए प्रशासन ने पहले ही पुख्ता इंतजाम कर लिए थे. जैसे ही वोटों की गिनती शुरू हुई, धड़कनें तेज होती गईं. नवनिर्वाचित वार्ड सदस्यों ने इस प्रक्रिया में भाग लिया, और अंततः अंकुर सिंह के पक्ष में पड़े ‘वो एक अतिरिक्त वोट’ ने उन्हें जीत की दहलीज तक पहुँचा दिया. अपनी जीत की सूचना मिलने पर पहली प्रतिक्रिया में अंकुर सिंह ने कहा कि यह जीत सिर्फ मेरी नहीं, बल्कि उन सभी वार्ड सदस्यों और जनता के विश्वास की जीत है जो आदित्यपुर का विकास चाहते हैं.
क्या रहे जीत के प्रमुख कारण?
पारिवारिक राजनीतिक रसूख: मलखान सिंह का क्षेत्र में पुराना प्रभाव और उनकी संगठनात्मक पकड़ अंकुर सिंह के लिए ढाल साबित हुई. वार्ड पार्षदों का समन्वय: नवनिर्वाचित वार्ड पार्षदों के बीच अंकुर सिंह की पैठ और अंतिम समय में की गई रणनीतिक घेराबंदी काम आई.
अर्चना सिंह की मजबूत चुनौती: एक वोट के अंतर से हारना यह दर्शाता है कि अर्चना सिंह ने भी इस चुनाव में जबरदस्त पकड़ बनाई थी और मुकाबला बराबरी का था.
नई चुनौतियों की ओर आदित्यपुर
अंकुर सिंह की इस जीत के साथ ही अब आदित्यपुर नगर निगम में विकास के नए समीकरण बनने की उम्मीद है. हालांकि, महज एक वोट के अंतर से मिली यह जीत यह भी दर्शाती है कि सदन में अंकुर सिंह को विपक्ष और अन्य सदस्यों को साथ लेकर चलने के लिए कड़ी मेहनत करनी होगी.
चुनावी परिणाम एक नजर में
विजेता
अंकुर सिंह (भतीजे – पूर्व विधायक अरविंद सिंह)
निकटतम प्रतिद्वंद्वी
अर्चना सिंह (पत्नी – मनमोहन सिंह)
जीत का अंतर
01 वोट
निर्वाचक मंडल
नवनिर्वाचित वार्ड पार्षद

