
उदित वाणी, जमशेदपुर : कोल्हान क्षेत्र के डीएवी विद्यालयों के शिक्षकों की शैक्षणिक दक्षता को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से तीन दिवसीय शिक्षक क्षमता निर्माण कार्यक्रम का सफल आयोजन किया गया. यह कार्यक्रम डीएवी पब्लिक स्कूल, एनआईटी परिसर, आदित्यपुर में आयोजित हुआ, जिसमें क्षेत्र के विभिन्न डीएवी विद्यालयों से आए शिक्षकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया. कार्यक्रम का शुभारंभ 3 जनवरी को हुआ और यह पूरी तरह आधिकारिक एवं सुव्यवस्थित रूप से संपन्न हुआ.
इस प्रशिक्षण कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य शिक्षकों की व्यावसायिक दक्षता का विकास करना, आधुनिक एवं नवाचारी शिक्षण पद्धतियों की समझ को मजबूत करना तथा शिक्षण–अधिगम प्रक्रिया को अधिक प्रभावी बनाना था. कार्यक्रम के माध्यम से शिक्षकों को बदलते शैक्षणिक परिवेश, नई शिक्षा नीति, तकनीक आधारित शिक्षण, अनुभवात्मक अधिगम और छात्र-केंद्रित शिक्षण पद्धतियों से अवगत कराया गया.

कार्यक्रम के दौरान सीबीएसई के अनुभवी विशेषज्ञों एवं शैक्षणिक संसाधन व्यक्तियों ने विभिन्न सत्रों में शिक्षकों का मार्गदर्शन किया. इन सत्रों में कक्षा प्रबंधन, मूल्यांकन की नवीन तकनीकें, गतिविधि-आधारित शिक्षण, समावेशी शिक्षा तथा डिजिटल टूल्स के प्रभावी उपयोग पर विस्तृत चर्चा की गई. विशेषज्ञों ने उदाहरणों के माध्यम से यह बताया कि किस प्रकार शिक्षण को अधिक रोचक, प्रभावशाली और परिणामोन्मुख बनाया जा सकता है.
डीएवी संगठन, आदित्यपुर के अंतर्गत संचालित छह डीएवी विद्यालयों के कुल 185 शिक्षकों ने इस तीन दिवसीय क्षमता निर्माण कार्यक्रम में भाग लिया. सभी शिक्षकों ने प्रशिक्षण सत्रों में सक्रिय सहभागिता निभाई और समूह चर्चा, प्रश्नोत्तर सत्र तथा कार्यशालाओं के माध्यम से अपने अनुभव साझा किए. शिक्षकों ने यह भी चर्चा की कि प्रशिक्षण के दौरान प्राप्त ज्ञान और कौशल को वे अपने-अपने विद्यालयों एवं कक्षाओं में किस प्रकार लागू करेंगे.

कार्यशाला के दौरान इस बात पर विशेष जोर दिया गया कि शिक्षक शिक्षा में हो रहे निरंतर परिवर्तनों का सकारात्मक रूप से सामना करें और विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास को ध्यान में रखते हुए शिक्षण कार्य करें. अनुभवात्मक एवं गतिविधि-आधारित शिक्षण को अपनाने से न केवल विद्यार्थियों की समझ बढ़ती है, बल्कि उनकी रुचि और रचनात्मकता का भी विकास होता है.
सक्रिय सहभागिता, सार्थक विचार-विमर्श और सर्वोत्तम शिक्षण पद्धतियों के आदान-प्रदान के साथ यह तीन दिवसीय शिक्षक क्षमता निर्माण कार्यक्रम सफलतापूर्वक संपन्न हुआ. कार्यक्रम ने शिक्षकों के व्यावसायिक विकास को नई दिशा देने के साथ-साथ क्षेत्र में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा को और मजबूत करने की आधारशिला रखी.

