
उदित वाणी, जमशेदपुर: बिष्टुपुर थाना अंतर्गत धतकीडीह के गोडाउन इलाके से शनिवार देर रात एक दिल दहला देने वाली खबर सामने आई है। 37 वर्षीय इमाम हुसैन ने अपने ससुराल के घर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। मूल रूप से आज़ादबस्ती के निवासी रहे इमाम हुसैन पेशे से मजदूर थे और कुछ वर्षों से अपनी ससुराल धतकीडीह में ही रह रहे थे। आत्महत्या की यह घटना क्षेत्र में सनसनी फैला गई है और मृतक के परिवार पर दुःख का पहाड़ टूट पड़ा है।
जानकारी के मुताबिक, शनिवार की रात घर के बाकी सदस्य किसी पारिवारिक कार्यक्रम में शामिल होने बाहर गए थे। जब रात लगभग 11:30 बजे वे लोग लौटे तो उन्होंने देखा कि इमाम हुसैन का कमरा अंदर से बंद है। खटखटाने और आवाज़ देने के बावजूद जब कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली, तो परिजनों को शक हुआ। मजबूरी में दरवाज़ा तोड़ा गया, जिसके बाद इमाम को कमरे में पंखे से लटका पाया गया। उन्होंने एक गमछे की सहायता से फांसी लगाई थी।
घटना के तुरंत बाद परिजनों और मोहल्ले के लोगों ने मिलकर इमाम हुसैन को नीचे उतारा और उन्हें आनन-फानन में टाटा मेन हॉस्पिटल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। अस्पताल परिसर में मृतक के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल था।
स्थानीय लोगों और परिजनों के अनुसार, इमाम हुसैन एक शांत, मिलनसार और मेहनती इंसान थे। उन्होंने कभी किसी से कोई रंजिश या दुश्मनी नहीं रखी थी। वे तीन बेटियों के पिता थे और उनकी पत्नी गुड़िया परवीन के साथ सामान्य वैवाहिक जीवन व्यतीत कर रहे थे। मृतक के पिता का नाम सुबान अंसारी बताया गया है।
धतकीडीह ओपी प्रभारी के नेतृत्व में पुलिस टीम मौके पर पहुंच चुकी है और मामले की छानबीन कर रही है। प्रारंभिक तौर पर आत्महत्या के पीछे कोई स्पष्ट कारण सामने नहीं आया है। पुलिस ने कमरे की तलाशी ली है और कुछ व्यक्तिगत दस्तावेज व मोबाइल फोन को जांच के लिए जब्त किया गया है।
एक पुलिस अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि, “परिवार के बयानों और मृतक के स्वभाव को देखते हुए मामला रहस्यमय प्रतीत होता है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।”
स्थानीय निवासी मोहम्मद शकील ने बताया, “इमाम भाई बहुत अच्छे इंसान थे। किसी का बुरा न कभी सोचा, न किया। उनकी बेटियों से उन्हें बहुत लगाव था। ये खबर सुनकर यकीन ही नहीं हो रहा।”
शव को कानूनी प्रक्रिया के तहत पोस्टमार्टम के लिए भेजा जा रहा है। रिपोर्ट आने के बाद अंतिम संस्कार की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। स्थानीय प्रशासन और पुलिस यह सुनिश्चित कर रही है कि परिजनों को किसी प्रकार की परेशानी न हो।

