
उदित वाणी, कोलकाता : पश्चिम बंगाल में विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) अभियान के तहत गणना फॉर्म मिलने में देरी के बाद एक महिला ने कथित तौर पर खुद को आग लगा ली. पुलिस ने मंगलवार को यह जानकारी दी.
यह घटना सोमवार को कोलकाता के पूर्बा पुटियारी इलाके में हुई. परिजनों का आरोप है कि जमुना मंडल (67) नामक महिला, ब्लॉक स्तरीय अधिकारी (बीएलओ) से गणना फॉर्म मिलने में दो दिन की देरी के बाद से बेचैनी से जूझ रही थी.
मृतका के परिवार ने दावा किया कि समय पर फॉर्म न मिलने के बाद उसने यह कदम उठाया.
बता दें कि बंगाल की मतदाता सूची के एसआईआर के लिए गणना फॉर्म का वितरण राज्य में 4 नवंबर से शुरू हुआ था.
जमुना मंडल के परिवार को शुरुआत में गणना फॉर्म नहीं मिले थे. जबकि, उनके पड़ोस में रहने वाले परिवारों को फॉर्म मिल गए.
बुज़ुर्ग महिला के बेटे मृत्युंजय मंडल ने बताया कि उनकी मां इस देरी को लेकर चिंतित थीं. हालांकि, महिला को 15 नवंबर को गणना फॉर्म मिले. तब भी, उनके बेटे ने दावा किया कि उनकी मां अभी भी दहशत में थीं.
पुलिस की मानें तो उन्होंने सोमवार को खुद को आग लगा ली. इसके बाद, उन्हें एमआर बांगुर अस्पताल ले जाया गया, जहां बाद में उनकी मृत्यु हो गई.
पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि घटना कल हुई. महिला ने खुद को आग लगाने के बाद लगी चोटों के कारण दम तोड़ दिया. हम मामले की जाँच कर रहे हैं.
संयोग से पश्चिम बंगाल में एसआईआर प्रक्रिया शुरू होने के बाद, राज्य के विभिन्न हिस्सों में इस प्रक्रिया के डर से कई लोगों की मौत की खबरें आई हैं.
पार्टी ने आरोप लगाया है कि एसआईआर की घोषणा के बाद से लोग दहशत में हैं, उन्हें डर है कि उनका नाम मतदाता सूची से हटा दिया जाएगा. तृणमूल कांग्रेस ने इसे लेकर चुनाव आयोग और भाजपा पर निशाना साधा है.
दूसरी तरफ, भाजपा का दावा है कि राज्य में सत्तारूढ़ पार्टी SIR को लेकर नागरिकों में दहशत फैला रही है.
(आईएएनएस)

