
उदित वाणी, जमशेदपुर : शहर से जुड़े चर्चित आपराधिक चेहरे विक्रम शर्मा की हत्या ने पुलिस महकमे को अलर्ट मोड में ला दिया है. घटना के बाद देहरादून पुलिस ने तफ्तीश तेज करते हुए जांच को बहुआयामी दिशा में आगे बढ़ाया है. अधिकारियों के अनुसार व्यवसायिक, आपराधिक और निजी -तीनों पहलुओं को समान गंभीरता से खंगाला जा रहा है, ताकि हत्या के पीछे की वास्तविक वजह स्पष्ट हो सके.
विक्रम शर्मा को जमशेदपुर के कुख्यात गैंगस्टर अखिलेश सिंह का करीबी और मार्गदर्शक माना जाता रहा है. उस पर पूर्व में कई संगीन मामलों में संलिप्तता के आरोप भी लगते रहे हैं. पुलिस का मानना है कि ऐसे प्रोफाइल वाले व्यक्ति की हत्या के पीछे सामान्य कारणों से अधिक जटिल पृष्ठभूमि हो सकती है. इसी कारण जांच टीम पुराने आपराधिक संबंधों, संभावित दुश्मनी और हालिया गतिविधियों की गहराई से पड़ताल कर रही है.
सूत्रों की मानें तो पुलिस आपसी रंजिश के एंगल पर विशेष ध्यान दे रही है. जांच में यह बिंदु उभरा है कि हाल के महीनों में विक्रम शर्मा का अपने भाई अरविंद शर्मा के साथ संपत्ति को लेकर गंभीर विवाद चल रहा था. अरविंद शर्मा पिछले लगभग 17 वर्षों से फरार बताया जाता है और उसके खिलाफ स्थायी वारंट लंबित है. वह चर्चित अशोक शर्मा हत्याकांड का मुख्य आरोपी माना जाता है.
पुराने रिकॉर्ड के अनुसार, आरोप है कि अरविंद शर्मा ने अशोक शर्मा की हत्या कराई थी और बाद में उनकी पत्नी पिंकी, जो सोनारी क्षेत्र की निवासी हैं, से विवाह कर लिया था. उस समय इस घटनाक्रम ने अपराध जगत में काफी हलचल मचाई थी. पुलिस अब इस इतिहास को भी वर्तमान हत्या से जोड़कर देख रही है, हालांकि अधिकारियों ने किसी निष्कर्ष पर पहुंचने से इनकार किया है.
जांच एजेंसियों को यह जानकारी भी मिली है कि बाद के वर्षों में दोनों भाई उत्तराखंड में संयुक्त रूप से कारोबार कर रहे थे. कारोबार में पैसों के बंटवारे और लाभ-हानि को लेकर मतभेद बढ़ने की बात सामने आई है. पुलिस आर्थिक विवाद के इस पहलू को भी हत्या की संभावित वजह मानकर जांच कर रही है. कॉल डिटेल रिकॉर्ड (सीडीआर), वित्तीय लेन-देन, डिजिटल साक्ष्य और सीसीटीवी फुटेज की बारीकी से समीक्षा की जा रही है.
देहरादून पुलिस ने झारखंड पुलिस से समन्वय स्थापित कर विक्रम शर्मा के पुराने संपर्कों, सहयोगियों और आपराधिक पृष्ठभूमि से जुड़ी जानकारियां साझा की हैं. टीम उसके करीबी लोगों से पूछताछ कर हालिया गतिविधियों और संभावित खतरे के संकेतों की पड़ताल कर रही है. अधिकारियों का कहना है कि फिलहाल किसी एक एंगल को निर्णायक नहीं माना गया है, लेकिन तकनीकी और मानवीय साक्ष्यों के आधार पर जल्द ठोस खुलासे की उम्मीद है.
पुलिस का दावा है कि सभी पहलुओं पर समान रूप से काम हो रहा है और दोषियों को कानून के दायरे में लाने के लिए हर संभव कदम उठाए जा रहे हैं.

