
उदित वाणी, जमशेदपुर : शहर में एक बार फिर पुलिस की मनमानी सुर्खियों में है. उलीडीह थाना क्षेत्र में घटित ताज़ा घटना ने न केवल पुलिस की कार्यशैली बल्कि पत्रकारों की सुरक्षा पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं.
जानकारी के अनुसार, बुधवार की शाम स्थानीय पत्रकार आकाश कुमार और अभिषेक सिन्हा किसी खबर को कवर करने के सिलसिले में उलीडीह थाना पहुंचे थे. इसी दौरान वहां मौजूद एएसआई मुकेश दुबे ने दोनों पत्रकारों के साथ अभद्र व्यवहार किया. आरोप है कि उन्होंने पत्रकारों को गाली-गलौज करने के साथ ही लाठी से पिटाई कर दी. पिटाई के बाद दोनों को घायल अवस्था में थाने की हाजत में बैठा दिया गया.

घटना की जानकारी मिलते ही प्रेस क्लब ऑफ जमशेदपुर के सचिव विकाश श्रीवास्तव को सूचना दी गई. इसके बाद प्रेस क्लब के वरिष्ठ पदाधिकारी और बड़ी संख्या में स्थानीय पत्रकार थाना पहुंचे. वहां पत्रकारों ने एएसआई की गुंडागर्दी के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और दोषी पुलिसकर्मी पर तत्काल कार्रवाई की मांग की.
पत्रकारों का गुस्सा देखते हुए मौके की सूचना तुरंत जिला पुलिस कप्तान एसएसपी पियूष पांडे और एसपी सिटी कुमार शिवाशीष तक पहुंचाई गई. मामले की गंभीरता को देखते हुए एसएसपी ने भरोसा दिलाया कि घटना की जांच कर दोषी पुलिसकर्मी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी. वहीं, घायल पत्रकारों ने उलीडीह थाना के माध्यम से वरीय पुलिस अधीक्षक को लिखित शिकायत भी सौंपी है.
इस घटना के बाद से पत्रकारों में गहरी नाराजगी है. उनका कहना है कि जब चौथे स्तंभ के प्रतिनिधि ही सुरक्षित नहीं हैं तो आम नागरिक की सुरक्षा का सवाल और बड़ा हो जाता है. प्रेस क्लब ने स्पष्ट कहा है कि यदि दोषी पुलिसकर्मी पर शीघ्र कार्रवाई नहीं होती है तो वे आंदोलन का रास्ता अपनाने को बाध्य होंगे.
इस पूरे प्रकरण ने एक बार फिर पुलिस-जनसरोकार और पत्रकारिता की स्वतंत्रता पर बहस छेड़ दी है. पत्रकारों का कहना है कि खबरों को कवर करना उनका दायित्व है और इसमें बाधा डालना लोकतांत्रिक व्यवस्था पर कुठाराघात है. अब देखना होगा कि जिला पुलिस प्रशासन इस मामले में क्या ठोस कदम उठाता है.

