
उदित वाणी, जमशेदपुर : चाकुलिया प्रखंड अंतर्गत मालकुड़ी एवं मटियाबांधी पंचायत के सचिव सुनील महतो की शनिवार को इलाज के दौरान एमजीएम अस्पताल में मौत हो गई. सुनील महतो हाल ही में फर्जी जन्म प्रमाण पत्र बनाने के आरोप में गिरफ्तार किए गए थे. उनकी पत्नी कनक महतो ने उन्हें बेगुनाह बताते हुए प्रशासन से निष्पक्ष जांच की मांग की है.
परिजनों का कहना है कि सुनील महतो पिछले कुछ समय से किडनी और लिवर संबंधी गंभीर बीमारियों से जूझ रहे थे. गिरफ्तारी के बाद उनकी तबीयत लगातार बिगड़ती गई, जिसके चलते उन्हें एमजीएम अस्पताल में भर्ती कराया गया था. वहीं इलाज के दौरान शनिवार को उन्होंने दम तोड़ दिया.
पत्नी कनक महतो ने प्रशासन पर लगाया आरोप
शोकाकुल पत्नी कनक महतो ने प्रशासन पर आरोप लगाते हुए कहा कि उनके पति को झूठे केस में फंसाया गया. “वे लंबे समय से बीमार चल रहे थे. बावजूद इसके, उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया और जेल भेज दिया गया. गिरफ्तारी के बाद से ही उनकी तबीयत लगातार खराब होती गई. इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई, यह प्रशासन की लापरवाही का परिणाम है,” उन्होंने कहा.
कनक महतो ने आगे कहा कि उनके पति एक ईमानदार कर्मचारी थे और क्षेत्र के लोगों की सेवा में समर्पित रहते थे. “अगर निष्पक्ष जांच की जाए, तो सच्चाई सामने आ जाएगी. मेरा प्रशासन से अनुरोध है कि इस पूरे मामले की जांच कराई जाए और मेरे पति को न्याय दिलाया जाए.”
प्रशासनिक स्तर पर जांच की उठी मांग
मामला संवेदनशील होने के कारण स्थानीय ग्रामीणों और पंचायत प्रतिनिधियों के बीच भी चर्चा का विषय बना हुआ है. कई लोगों ने पंचायत सचिव की गिरफ्तारी और इलाज के दौरान हुई मौत पर सवाल उठाए हैं. वहीं कुछ स्थानीय सामाजिक संगठनों ने इस मामले में मानवाधिकार आयोग से भी हस्तक्षेप की मांग की है.
पुलिस की ओर से कोई बयान नहीं
अब तक पुलिस या प्रशासन की ओर से इस मामले में कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है. हालांकि, सूत्रों की मानें तो पुलिस द्वारा जन्म प्रमाण पत्र के फर्जीवाड़े के संबंध में बड़े स्तर पर जांच की जा रही थी, जिसमें कई पंचायत कर्मियों और दलालों की संलिप्तता सामने आई थी. उसी क्रम में सुनील महतो को भी आरोपी बनाया गया था.
मामला न्यायिक जांच के दायरे में आए: जनप्रतिनिधि
स्थानीय जनप्रतिनिधियों का कहना है कि अगर किसी आरोपी की गिरफ्तारी के बाद इलाज में लापरवाही होती है और इससे उसकी मौत होती है, तो यह गंभीर प्रशासनिक चूक है और इसकी उच्च स्तरीय जांच होनी चाहिए.

