
उदित वाणी, जमशेदपुर : साकची थाना अंतर्गत स्थित होटल विराट में शनिवार सुबह वन विभाग की टीम ने छापेमारी कर समुद्री जीव कोरल की अवैध तस्करी का मामला पकड़ा. अचानक हुई इस कार्रवाई से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई. टीम ने मौके से चार लोगों को रंगे हाथों गिरफ्तार किया है. इनमें हरी चरण गोप और प्रमोद कैबर्ता के नाम सामने आए हैं, जबकि दो अन्य की पहचान फिलहाल सार्वजनिक नहीं की गई है.
सूत्रों के अनुसार वन विभाग को गुप्त सूचना मिली थी कि होटल के एक कमरे में कोरल से जुड़े अवैध कारोबार का सौदा होने वाला है. सूचना पाते ही टीम ने तत्काल होटल में दबिश दी और तलाशी के दौरान समुद्री कोरल बरामद किया. बरामद कोरल की मात्रा और बाजार कीमत का आकलन किया जा रहा है. अधिकारियों ने बताया कि प्रारंभिक पूछताछ में गिरफ्तार आरोपियों ने कुछ अहम जानकारियाँ दी हैं, जिनके आधार पर आगे की कार्रवाई की तैयारी की जा रही है.

साकची जैसे व्यस्त व्यावसायिक क्षेत्र में होटल को तस्करी के अड्डे के रूप में इस्तेमाल किए जाने से वन्यजीव संरक्षण व्यवस्था की पोल खुलती है. समुद्री कोरल का अवैध व्यापार न सिर्फ कानूनन अपराध है बल्कि समुद्री पारिस्थितिकी के लिए भी गहरा खतरा माना जाता है.
वन विभाग की त्वरित कार्रवाई निश्चित रूप से सराहनीय है, लेकिन विशेषज्ञों का मानना है कि सिर्फ गिरफ्तारी तक बात सीमित नहीं होनी चाहिए. बड़ा सवाल यह है कि कोरल यहां तक पहुंचा कैसे और इसका नेटवर्क कहां तक फैला है. अगर जांच की दिशा व्यापक रखी गई तो एक बड़े तस्करी गिरोह का पर्दाफाश संभव है. विभागीय अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि मामले को गंभीरता से लिया जा रहा है और कड़ी कार्रवाई की जाएगी.

