
उदित वाणी, साहिबगंज : झारखंड के साहिबगंज जिले में रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) ने एक ट्रेन की तलाशी के दौरान एक हजार से अधिक प्रतिबंधित कछुओं को बरामद किया है. इस मामले में दो महिलाओं और एक पुरुष को गिरफ्तार किया गया है, जबकि कुछ तस्कर मौके से फरार होने में सफल रहे.
आरपीएफ के अनुसार, यह कार्रवाई बरहड़वा रेलवे स्टेशन पर नियमित चेकिंग अभियान के दौरान की गई. डाउन फरक्का एक्सप्रेस (15744) के स्टेशन पर पहुंचने के बाद उसके डिब्बों की तलाशी ली जा रही थी. इसी दौरान 22 बैगों में भरकर ले जाए जा रहे अलग-अलग आकार के एक हजार से अधिक कछुए बरामद किए गए. जांच के दौरान दो महिला और एक पुरुष को हिरासत में लिया गया, जो कछुओं की तस्करी में संलिप्त पाए गए.
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान उत्तर प्रदेश के सुल्तानपुर जिले के रहने वाले करण पाथकर (25), मंजू पाथकर (30), और उषा पाथकर के रूप में की गई है. प्रारंभिक पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि कछुओं को वाराणसी रेलवे स्टेशन पर ट्रेन में लोड किया गया था और उन्हें बंगाल के फरक्का ले जाया जा रहा था.
आरपीएफ इस बात की भी जांच कर रही है कि इतनी बड़ी संख्या में कछुए कहां से लाए गए और इसके पीछे कौन सा संगठित तस्कर गिरोह सक्रिय है.
आरपीएफ इंस्पेक्टर संजीव कुमार ने बताया कि प्रारंभिक जांच में यह बात सामने आई है कि वाराणसी में एक बड़े तस्कर ने इन तीनों को कछुए फरक्का पहुंचाने के लिए सौंपे थे. आरपीएफ ने मामले की सूचना वन विभाग को भी दे दी है.
वन विभाग के अधिकारी कछुओं की गिनती और स्वास्थ्य परीक्षण के बाद उन्हें सुरक्षित स्थान पर छोड़ने की प्रक्रिया में जुट गए हैं. अधिकारियों के अनुसार, सभी कछुओं को सुरक्षित रूप से गंगा नदी में छोड़ा जाएगा. फरक्का एक्सप्रेस कोहरे और अन्य कारणों से निर्धारित समय से काफी विलंब से बरहड़वा स्टेशन पहुंची थी. ट्रेन की देरी के दौरान आरपीएफ ने सघन तलाशी अभियान चलाया, जिसके परिणामस्वरूप यह बड़ी सफलता हाथ लगी.
(आईएएनएस)

