
उदित वाणी, हजारीबाग : झारखंड के हजारीबाग जिले की पुलिस ने उरीमारी थाना क्षेत्र में 31 दिसंबर 2025 को अंधाधुंध फायरिंग कर दहशत फैलाने के मामले का खुलासा किया और इस सिलसिले में कुख्यात अपराधी राहुल दुबे गिरोह के 10 सदस्यों को गिरफ्तार किया है. पुलिस ने आरोपियों के पास से कई हथियार बरामद किए हैं.
पुलिस अधीक्षक अंजनी अंजन ने गुरुवार को बताया कि 31 दिसंबर की सुबह उरीमारी थाना क्षेत्र में अज्ञात अपराधियों द्वारा अंधाधुंध फायरिंग की गई थी, जिससे पूरे इलाके में दहशत फैल गई थी. घटना के बाद उरीमारी ओपी थाना में अज्ञात अपराधियों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया. प्रारंभिक जांच में फायरिंग की जिम्मेदारी कुख्यात अपराधी राहुल दुबे गिरोह ने ली थी.
एसपी ने बताया कि मामले की गंभीरता को देखते हुए सदर एसडीपीओ अमित आनंद के नेतृत्व में एक विशेष जांच टीम (एसआईटी) का गठन किया गया. टीम ने तकनीकी साक्ष्यों, मोबाइल सर्विलांस और गुप्त सूचना के आधार पर लगातार छापेमारी अभियान चलाया. इसी दौरान पुलिस को 7 जनवरी की रात सूचना मिली कि उरीमारी ओपी क्षेत्र के बघरैया फुटबॉल मैदान के पास कुछ अपराधी एकत्र होकर किसी बड़ी आपराधिक वारदात की योजना बना रहे हैं.
सूचना जांच करने के बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए इलाके की घेराबंदी की और मौके से सभी 10 अपराधियों को गिरफ्तार कर लिया. तलाशी के दौरान पुलिस ने घटना में प्रयुक्त 5 देसी पिस्टल, 17 जिंदा कारतूस और 6 मोबाइल फोन बरामद किए. गिरफ्तार अभियुक्तों की पहचान शिव राजा उर्फ शिवा, प्रीत कुमार उर्फ पवन कुमार, पीयूष कुमार सिंह, प्रेम कुमार, बादल, विक्रम कुमार राम, मोहित सिंह, राजू कुमार, विशाल कुमार और मनोज कुमार के रूप में की गई है.
एसपी ने बताया कि सभी अभियुक्तों का आपराधिक इतिहास रहा है और ये झारखंड के विभिन्न जिलों में रंगदारी, फायरिंग और अन्य संगीन अपराधों में संलिप्त रहे हैं. पुलिस ने सभी आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया है. साथ ही गिरोह से जुड़े अन्य अपराधियों की तलाश में छापेमारी अभियान जारी है.
(आईएएनएस)

